इस जानवर के सामने बोलना भी है मना! आवाज और कैमरे से हो जाता है परेशान, जानिए क्या है पूरा सच
दुनिया में आपने कई तरह के जानवर देखे होंगे। कुछ जंगलों में, कुछ चिड़ियाघरों में और कुछ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए। आमतौर पर लोग चिड़ियाघर जाकर जानवरों की तस्वीरें खींचते हैं और उनके साथ अपनी यादें साझा करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ऐसे जानवर के बारे में सुना है, जिसे देखने के दौरान लोगों को बिल्कुल शांत रहना पड़ता है?
सोशल मीडिया पर एक दावा काफी चर्चा में रहता है कि एक ऐसा जानवर है, जिसके पास जाकर लोग न तो बोल सकते हैं और न ही तस्वीरें खींच सकते हैं। कहा जाता है कि शोर या परेशान किए जाने पर यह जानवर इतना तनाव में आ जाता है कि अपनी जान तक दे देता है। यह दावा अक्सर लेमिंग (Lemming) नाम के छोटे जीव से जोड़ा जाता है।
क्या सच में लेमिंग सुसाइड करते हैं?
लेमिंग छोटे आकार के कृंतक (Rodent) जीव होते हैं, जो मुख्य रूप से आर्कटिक क्षेत्रों और उत्तरी इलाकों में पाए जाते हैं। लंबे समय तक इनके बारे में यह मिथक फैला रहा कि लेमिंग बड़ी संख्या में आत्महत्या कर लेते हैं।
हालांकि, वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि यह बात पूरी तरह सच नहीं है। लेमिंग जानबूझकर आत्महत्या नहीं करते। इनके व्यवहार को लेकर बनी यह कहानी काफी हद तक गलत धारणाओं और पुराने मीडिया चित्रणों की वजह से लोकप्रिय हुई।
फिर क्यों फैली यह कहानी?
लेमिंग की आबादी कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ती और घटती रहती है। जब इनकी संख्या बहुत ज्यादा हो जाती है तो भोजन और रहने की जगह की तलाश में ये बड़ी संख्या में एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर जाते हैं।
इस दौरान कई बार वे प्राकृतिक बाधाओं, पानी या कठिन परिस्थितियों में फंसकर मर सकते हैं। इसी व्यवहार को गलत तरीके से "सामूहिक आत्महत्या" का नाम दे दिया गया।
क्या जानवर इंसानों के व्यवहार से परेशान होते हैं?
यह जरूर सच है कि कई जानवर तेज आवाज, फ्लैश फोटोग्राफी और लगातार परेशान किए जाने से तनाव में आ सकते हैं। चिड़ियाघरों और वन्यजीव अभयारण्यों में इसलिए जानवरों के आसपास शांति बनाए रखने के नियम बनाए जाते हैं।
कई संवेदनशील जीवों के लिए लगातार शोर और भीड़ उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
जानवरों का सम्मान जरूरी
चाहे कोई भी जीव हो, उसे देखने के दौरान उसके प्राकृतिक व्यवहार का सम्मान करना जरूरी है। तेज आवाज करना, छेड़छाड़ करना या बार-बार फोटो लेने की कोशिश करना जानवरों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।
इसलिए किसी भी वन्यजीव को देखने जाएं तो दूरी बनाए रखें, नियमों का पालन करें और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी दिखाएं।
दरअसल, "बोलने से जान दे देता है" जैसी बातें इंटरनेट पर फैलने वाली रोचक कहानियों का हिस्सा ज्यादा हैं, लेकिन इनके पीछे छिपे वैज्ञानिक तथ्यों को समझना भी उतना ही जरूरी है।