क्या नौकरी के इंटरव्यू में कॉफी का कप ले जाना सही है? सोशल मीडिया पर छिड़ी दिलचस्प बहस
नौकरी का इंटरव्यू किसी भी उम्मीदवार के लिए बेहद अहम मौका होता है। इस दौरान पहनावे से लेकर बॉडी लैंग्वेज और बातचीत के तरीके तक हर छोटी चीज पर ध्यान दिया जाता है। लेकिन क्या इंटरव्यू में हाथ में कॉफी का कप लेकर पहुंचना भी आपकी प्रोफेशनल इमेज को प्रभावित कर सकता है? इन दिनों सोशल मीडिया पर इसी सवाल को लेकर दिलचस्प बहस छिड़ी हुई है।
बहस की शुरुआत एक अमेरिकी रिक्रूटर कैटलिन वेनियेन के वीडियो से हुई। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा कि उम्मीदवारों को इंटरव्यू के दौरान हाथ में आइस्ड कॉफी या आइस्ड लाटे लेकर नहीं पहुंचना चाहिए। उनके मुताबिक, खासतौर पर औपचारिक कॉर्पोरेट इंटरव्यू में कॉफी का कप उम्मीदवार को जरूरत से ज्यादा कैजुअल दिखा सकता है। वह 16 साल से भर्ती के क्षेत्र में काम कर रही हैं और उन्होंने कई बड़ी कंपनियों के लिए उम्मीदवारों के इंटरव्यू देखे हैं।
रिक्रूटर ने क्यों दी कॉफी छोड़ने की सलाह?
कैटलिन का कहना है कि इंटरव्यू के लिए जाते समय अगर कोई उम्मीदवार हाथ में कॉफी लेकर पहुंचता है तो इससे ऐसा आभास हो सकता है कि इंटरव्यू उसके दिन के बाकी कामों की तरह ही एक सामान्य पड़ाव है। खासकर जब सामने वाला व्यक्ति किसी बड़े कॉर्पोरेट पद के लिए इंटरव्यू दे रहा हो, तब प्रोफेशनल और गंभीर व्यवहार महत्वपूर्ण माना जाता है।
उनके मुताबिक, कॉफी पीने से ज्यादा समस्या उस कप को संभालने में हो सकती है। उम्मीदवार का ध्यान बार-बार कप, स्ट्रॉ, ढक्कन या कॉफी गिरने की चिंता पर जा सकता है। इससे बातचीत के दौरान ध्यान भटकने की संभावना रहती है।
सोशल मीडिया पर बंट गए लोग
इस सलाह के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंट गई। कुछ लोगों ने रिक्रूटर की बात का समर्थन करते हुए कहा कि इंटरव्यू एक औपचारिक मुलाकात है और उम्मीदवार को ऐसी चीजें साथ नहीं ले जानी चाहिए जो उसका ध्यान भटकाएं।
वहीं कई युवाओं ने इस सोच पर सवाल उठाया। उनका तर्क है कि सिर्फ कॉफी पीने से किसी व्यक्ति की प्रोफेशनल क्षमता या काम के प्रति गंभीरता तय नहीं की जा सकती। अगर उम्मीदवार समय पर पहुंचता है, अच्छी तैयारी करके आता है और इंटरव्यू में आत्मविश्वास से जवाब देता है तो हाथ में कॉफी का कप होने को इतना बड़ा मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
क्या पानी भी नहीं ले जा सकते?
विशेषज्ञों का कहना है कि इसे हर इंटरव्यू के लिए एक सख्त नियम नहीं माना जाना चाहिए। कंपनी का माहौल, नौकरी की प्रकृति और इंटरव्यू का स्थान काफी मायने रखता है। एक अनौपचारिक स्टार्टअप इंटरव्यू और किसी बेहद औपचारिक कॉर्पोरेट ऑफिस के इंटरव्यू में अपेक्षाएं अलग हो सकती हैं। रिक्रूटर कैटलिन ने भी बाद में स्पष्ट किया कि उनकी सलाह सार्वभौमिक नियम नहीं है। पानी की बोतल जैसी सामान्य चीज को लेकर उन्हें आपत्ति नहीं है।
असली सवाल कॉफी नहीं, तैयारी है
इस पूरी बहस के बीच एक बात पर ज्यादातर विशेषज्ञ सहमत हैं कि उम्मीदवार की असली प्राथमिकता इंटरव्यू की तैयारी होनी चाहिए। कंपनी के बारे में जानकारी रखना, अपने अनुभव और स्किल को स्पष्ट तरीके से बताना और इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति के सवालों के लिए तैयार रहना किसी भी कॉफी कप से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।
यानी इंटरव्यू में कॉफी लेकर जाना सही है या गलत, इसका कोई एक जवाब नहीं है। लेकिन अगर कॉफी आपके हाथ में है तो यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका ध्यान कॉफी पर नहीं, बल्कि उस नौकरी के मौके पर रहे।