RAC यात्री को सीट देने के बजाय वेटिंग वाले को दे दी सीट, TTE पर लगा बड़ा आरोप, रेलवे तक पहुंची शिकायत
ट्रेन में सफर के दौरान सीट को लेकर यात्रियों की परेशानी अक्सर सामने आती रहती है। अब एक ऐसा मामला चर्चा में है, जिसमें RAC टिकट वाले यात्री ने आरोप लगाया है कि उसे निर्धारित सीट देने के बजाय एक वेटिंग टिकट वाले यात्री को सीट दे दी गई। मामला सामने आने के बाद यात्री ने TTE के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जो रेलवे तक पहुंच गई है।
जानकारी के अनुसार, यात्री ने ट्रेन में सफर के लिए टिकट बुक कराया था। उसका टिकट RAC में था, जिसका मतलब है कि उसे ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति होती है और उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार उसे सीट साझा करनी पड़ सकती है। यात्री को उम्मीद थी कि ट्रेन में चढ़ने के बाद उसे नियमानुसार सीट उपलब्ध कराई जाएगी।
लेकिन यात्री का आरोप है कि ट्रेन में पहुंचने के बाद उसे सीट नहीं मिली। इसके बजाय उसकी जगह एक ऐसे यात्री को सीट दे दी गई, जिसका टिकट वेटिंग लिस्ट में था। यात्री ने जब इस संबंध में TTE से बात की तो कथित तौर पर उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इसके बाद यात्री ने पूरी घटना की शिकायत रेलवे के संबंधित प्लेटफॉर्म पर कर दी। शिकायत में उसने बताया कि RAC यात्री को प्राथमिकता देने के बजाय वेटिंग वाले यात्री को सीट कैसे दी गई। यात्री ने रेलवे से मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई की मांग की है।
रेलवे नियमों के मुताबिक RAC टिकट वाला यात्री ट्रेन में यात्रा कर सकता है, जबकि पूरी तरह वेटिंग टिकट वाले यात्री के लिए आरक्षित कोच में यात्रा करने के नियम अलग होते हैं। हालांकि, ट्रेन में खाली सीट उपलब्ध होने की स्थिति में TTE द्वारा नियमों के अनुसार सीट आवंटित की जा सकती है। इसलिए किसी खास मामले में नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं, यह उपलब्ध रिकॉर्ड और टिकट की स्थिति की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है।
यात्री की शिकायत सामने आने के बाद अब नजर रेलवे की जांच पर है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ रेलवे के नियमों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है। वहीं, रेलवे यात्रियों को सलाह देता है कि सीट या टिकट से जुड़ी किसी भी समस्या की स्थिति में आधिकारिक शिकायत व्यवस्था के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि ट्रेन में सीट आवंटन को लेकर पारदर्शिता कितनी जरूरी है। यात्रियों का कहना है कि टिकट की स्थिति के आधार पर सीट आवंटन की प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि किसी यात्री को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।