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वकालत की जगह 'चैंबर' में मैरिज ब्यूरो, फूलों से सजी थी कोर्ट की चौखट, हाईकोर्ट का तगड़ा एक्शन

 

अदालतों में जहां कानून की दलीलें और न्याय की प्रक्रिया चलती है, वहीं एक वकील के चैंबर में कुछ ऐसा हो रहा था, जिसने पूरे न्यायिक परिसर को हैरान कर दिया। वकालत के लिए बने चैंबर का इस्तेमाल कथित तौर पर मैरिज ब्यूरो चलाने के लिए किया जा रहा था। इतना ही नहीं, कोर्ट परिसर की चौखट को फूलों से सजाकर शादी समारोह जैसा माहौल बना दिया गया था। मामला सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, अदालत परिसर में स्थित एक वकील के चैंबर में शादी से जुड़े कामकाज किए जा रहे थे। आरोप है कि चैंबर का उपयोग कानूनी गतिविधियों के बजाय विवाह कराने और जोड़ों को मिलाने के लिए किया जा रहा था। जब इसकी जानकारी न्यायालय प्रशासन तक पहुंची तो मामले को गंभीरता से लिया गया।

कोर्ट परिसर में फूलों की सजावट देखकर कई लोग हैरान रह गए। जिस स्थान पर आमतौर पर वकील बैठकर मुकदमों की तैयारी करते हैं और न्यायिक कार्यों से जुड़े मामलों पर चर्चा करते हैं, वहां शादी का माहौल नजर आया। इस घटना की तस्वीरें और जानकारी सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया।

हाईकोर्ट ने इस मामले को अदालत की गरिमा से जुड़ा विषय माना। कोर्ट ने साफ किया कि न्यायिक परिसर का उपयोग केवल निर्धारित कानूनी कार्यों के लिए किया जा सकता है। किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि या निजी आयोजन के लिए अदालत परिसर का इस्तेमाल नियमों के खिलाफ है।

हाईकोर्ट की ओर से संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत परिसर की अपनी एक गरिमा और अनुशासन होता है। यहां आने वाले लोग न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, इसलिए परिसर में ऐसी गतिविधियां न्याय व्यवस्था की छवि को प्रभावित कर सकती हैं।

इस मामले के सामने आने के बाद वकीलों और न्यायिक कर्मचारियों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने कोर्ट के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि न्याय के मंदिर में केवल न्यायिक कार्य ही होने चाहिए।

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब यह देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाती है। फिलहाल इस मामले ने अदालत परिसरों में नियमों के पालन और अनुशासन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।