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भारत का सबसे पुराना एयरपोर्ट, जहां से शुरू हुई थी देश में हवाई सफर की शुरुआत, आज किस काम आता है जानें

 

भारत में हवाई यात्रा का इतिहास काफी पुराना है। देश में विमानन सेवा की शुरुआत को एक सदी से ज्यादा समय हो चुका है। जब भारत में आधुनिक एयरपोर्ट और नियमित यात्री उड़ानों का दौर शुरू भी नहीं हुआ था, तब एक छोटे से हवाई अड्डे से देश की पहली ऐतिहासिक हवाई डाक सेवा ने उड़ान भरी थी। यही जगह आगे चलकर भारतीय विमानन इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई।

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प्रयागराज का बमरौली एयरपोर्ट है ऐतिहासिक

भारत के सबसे पुराने हवाई अड्डों में बमरौली एयरपोर्ट का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। यह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्थित है। भारतीय विमानन इतिहास में इस एयरपोर्ट का विशेष महत्व है, क्योंकि यहीं से देश की पहली संगठित हवाई डाक सेवा से जुड़ी ऐतिहासिक उड़ान का संचालन हुआ था।

18 फरवरी 1911 को फ्रांसीसी पायलट हेनरी पेक्वेट ने प्रयागराज से नैनी के बीच विमान उड़ाया था। इस उड़ान में लगभग 6,500 पत्र ले जाए गए थे। इसे दुनिया की पहली आधिकारिक एयरमेल सेवा के रूप में भी जाना जाता है।

उस समय विमानन आज की तरह आम यात्री परिवहन का साधन नहीं था। विमान से डाक पहुंचाना अपने आप में बड़ी तकनीकी उपलब्धि माना जाता था। इस ऐतिहासिक उड़ान ने भारत में हवाई डाक सेवा की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आज किस काम आता है बमरौली एयरपोर्ट?

समय के साथ बमरौली एयरपोर्ट का इस्तेमाल केवल नागरिक विमानन तक सीमित नहीं रहा। वर्तमान में यह भारतीय वायुसेना के महत्वपूर्ण एयरबेस के रूप में भी जाना जाता है।

यहां सैन्य विमानों की गतिविधियां होती हैं और एयरफोर्स से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा प्रयागराज में नागरिक यात्रियों के लिए प्रयागराज एयरपोर्ट भी मौजूद है, जहां से नियमित यात्री उड़ानों का संचालन होता है।

1911 की उड़ान बनी इतिहास

18 फरवरी 1911 की वह उड़ान भारतीय विमानन इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है। हेनरी पेक्वेट ने हंबर बाइप्लेन से प्रयागराज से नैनी तक उड़ान भरी थी। विमान ने कुछ ही दूरी तय की थी, लेकिन इस उड़ान का महत्व दूरी से कहीं ज्यादा था।

इस ऐतिहासिक घटना ने यह साबित किया कि भारत में भी विमान के जरिए डाक और यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की संभावनाएं मौजूद हैं। यही वजह है कि प्रयागराज का बमरौली एयरपोर्ट भारतीय विमानन इतिहास में आज भी खास स्थान रखता है।

विमानन इतिहास की याद दिलाता है यह एयरपोर्ट

आज देश में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में अत्याधुनिक एयरपोर्ट मौजूद हैं। रोजाना लाखों यात्री हवाई सफर करते हैं। लेकिन इस विशाल विमानन नेटवर्क की शुरुआती कहानी छोटे स्तर की उन्हीं ऐतिहासिक उड़ानों से जुड़ी है।

बमरौली एयरपोर्ट इसी इतिहास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यहां से शुरू हुई ऐतिहासिक हवाई डाक उड़ान को भारतीय विमानन के शुरुआती अध्याय के रूप में याद किया जाता है।