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IIT कानपुर की डिग्री, US में 20 साल का अनुभव, फिर भी नहीं मिल रही नौकरी; अब भारत लौटने की तैयारी में

 

विदेश में अच्छी नौकरी और बेहतर करियर बनाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए अमेरिका लंबे समय से आकर्षण का केंद्र रहा है। लेकिन विदेश में पढ़ाई और काम का अनुभव होने के बावजूद हर किसी के लिए नौकरी पाना आसान नहीं होता। इसी बीच IIT कानपुर से पढ़ाई करने वाले एक भारतीय प्रोफेशनल की कहानी चर्चा में है। दावा है कि अमेरिका में करीब 20 साल का अनुभव होने के बावजूद उन्हें नौकरी पाने में परेशानी हो रही है और अब वे भारत लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

शानदार डिग्री और लंबा अनुभव भी नहीं आया काम

IIT कानपुर देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में गिना जाता है। यहां से पढ़ाई करने वाले कई छात्र भारत और विदेश की बड़ी कंपनियों में काम करते हैं। ऐसे में संस्थान की डिग्री और दो दशक का पेशेवर अनुभव किसी भी उम्मीदवार की मजबूत योग्यता माने जा सकते हैं।

हालांकि, नौकरी पाने के लिए केवल डिग्री और अनुभव ही पर्याप्त नहीं होते। कंपनियां उम्मीदवार की विशेषज्ञता, मौजूदा तकनीकी कौशल, वेतन संबंधी अपेक्षाओं और उपलब्ध पदों के साथ उसके अनुभव के मेल को भी देखती हैं।

अमेरिका में नौकरी तलाश रहे अनुभवी प्रोफेशनल्स को भी कई बार लंबी भर्ती प्रक्रिया, सीमित अवसरों और कंपनियों की बदलती जरूरतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लंबे अनुभव के बावजूद नौकरी मिलने में देरी हो सकती है।

अमेरिका में नौकरी पाना क्यों हो रहा है चुनौतीपूर्ण?

अमेरिकी जॉब मार्केट में तकनीकी क्षेत्र के उम्मीदवारों के लिए अवसर उनकी विशेषज्ञता और उद्योग की मांग के अनुसार बदलते रहते हैं। कुछ कंपनियां लागत कम करने के लिए भर्ती सीमित करती हैं, जबकि दूसरी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसी विशेष स्किल वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं।

अनुभवी कर्मचारियों के सामने एक दूसरी चुनौती भी हो सकती है। उनका वेतन स्तर अपेक्षाकृत अधिक होता है और कंपनियां कई बार कम लागत पर काम करने वाले उम्मीदवारों को चुनती हैं। हालांकि, यह हर कंपनी या हर क्षेत्र पर लागू होने वाला नियम नहीं है।

इसके अलावा, वीजा और वर्क ऑथराइजेशन से जुड़ी शर्तें भी कुछ उम्मीदवारों के लिए नौकरी के विकल्पों को प्रभावित कर सकती हैं।

अब भारत लौटना बन सकता है नया विकल्प

अमेरिका में नौकरी नहीं मिलने की स्थिति में भारत लौटना कुछ प्रोफेशनल्स के लिए करियर का नया रास्ता हो सकता है। भारत में टेक्नोलॉजी, आईटी सर्विसेज, कंसल्टिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में अनुभवी लोगों के लिए अवसर मौजूद हैं।

विदेश में काम करने का अनुभव रखने वाले उम्मीदवार भारतीय कंपनियों में लीडरशिप, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और तकनीकी विशेषज्ञता से जुड़ी भूमिकाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, नौकरी मिलने और वेतन का स्तर उनकी विशेषज्ञता, अनुभव और संबंधित क्षेत्र में मांग पर निर्भर करेगा।

भारत लौटने का फैसला करते समय प्रोफेशनल्स को वेतन के साथ जीवन-यापन की लागत, परिवार, करियर की संभावनाओं और लंबे समय की योजनाओं पर भी विचार करना पड़ता है।

विदेश में लंबा अनुभव भी नौकरी की गारंटी नहीं

यह मामला बताता है कि प्रतिष्ठित संस्थान की डिग्री और वर्षों का अनुभव होने के बावजूद नौकरी की राह हमेशा आसान नहीं होती। बदलती तकनीक, कंपनियों की भर्ती नीतियां और बाजार की परिस्थितियां करियर पर असर डाल सकती हैं।