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IG नोबेल मिला: अजीब लेकिन रोचक रिसर्च के लिए वैज्ञानिकों को मिला सम्मान

 

दुनिया की सबसे अनोखी और मजेदार वैज्ञानिक खोजों को सम्मान देने वाला IG नोबेल पुरस्कार एक बार फिर चर्चा में है। इस पुरस्कार के तहत ऐसी रिसर्च को सम्मानित किया जाता है, जो पहले लोगों को हंसाती है और फिर उन्हें सोचने पर मजबूर करती है।

इस बार कई ऐसे शोधों को IG नोबेल से सम्मान मिला, जिनके विषय सुनकर लोग हैरान रह गए। इनमें कॉकरोच के दूध पर रिसर्च, नाक साफ करने के सही तरीके का अध्ययन और अन्य असामान्य वैज्ञानिक प्रयोग शामिल हैं।

कॉकरोच के दूध पर रिसर्च को मिला सम्मान

सबसे ज्यादा चर्चा कॉकरोच के दूध से जुड़ी रिसर्च की रही। वैज्ञानिकों ने Diploptera punctata नामक कॉकरोच प्रजाति के उस पोषक पदार्थ का अध्ययन किया, जिससे वह अपने बच्चों को ऊर्जा देती है। शोध में पाया गया कि इसमें मौजूद प्रोटीन क्रिस्टल बेहद ऊर्जा से भरपूर होते हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार, इस पदार्थ में मौजूद प्रोटीन संरचनाएं भविष्य में पोषण विज्ञान और जैव तकनीक के क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकती हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इंसानों के लिए कॉकरोच का दूध पीने की शुरुआत होने वाली है।

नाक साफ करने के तरीके पर भी रिसर्च

IG नोबेल मेडिसिन पुरस्कार एक ऐसे अध्ययन को मिला, जिसमें वैज्ञानिकों ने यह पता लगाने की कोशिश की कि नाक साफ करने यानी छींक या नाक बहने के दौरान किस तरह की प्रक्रिया शरीर के लिए बेहतर हो सकती है। यह शोध कई दशक पुराना था, लेकिन इसकी अनोखी सोच के कारण इसे सम्मान मिला।

अनोखे सवालों से निकलती हैं नई खोजें

IG नोबेल पुरस्कारों का उद्देश्य सिर्फ मजेदार रिसर्च को सम्मान देना नहीं है, बल्कि यह दिखाना भी है कि विज्ञान में छोटे और असामान्य सवाल कई बार महत्वपूर्ण खोजों का रास्ता खोल सकते हैं।

इस पुरस्कार से जुड़े आयोजक बताते हैं कि ऐसी खोजें लोगों में वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा को बढ़ावा देती हैं। कई बार जो विषय पहली नजर में अजीब लगते हैं, वही आगे चलकर उपयोगी तकनीक या नई जानकारी का आधार बन जाते हैं।

क्यों खास है IG नोबेल पुरस्कार?

IG नोबेल पुरस्कार की शुरुआत 1991 में हुई थी। यह वास्तविक नोबेल पुरस्कार का मजेदार रूप माना जाता है, लेकिन इसमें सम्मानित किए जाने वाले शोध वास्तविक वैज्ञानिक अध्ययन होते हैं। इनका उद्देश्य विज्ञान को आम लोगों तक रोचक तरीके से पहुंचाना है।

कॉकरोच के दूध से लेकर नाक साफ करने तक की रिसर्च ने एक बार फिर साबित किया है कि विज्ञान की दुनिया में कोई भी सवाल छोटा नहीं होता। कभी-कभी सबसे अजीब लगने वाले विचार ही नई खोजों की शुरुआत बन जाते हैं।