“छुट्टी चाहिए तो पहले निबंध लिखो…” महिला के VIDEO ने खोल दी कॉर्पोरेट कल्चर की पोल
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने कॉर्पोरेट दुनिया के “टॉक्सिक वर्क कल्चर” पर नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में महिला छुट्टी लेने के अनुभव को लेकर ऐसी बात कहती है, जिससे लाखों नौकरीपेशा लोग खुद को जुड़ा हुआ महसूस कर रहे हैं।
वायरल वीडियो में महिला कहती नजर आती है कि ऑफिस में छुट्टी लेने के लिए कर्मचारियों को सिर्फ “Leave चाहिए” कहना काफी नहीं होता। उन्हें अपने बॉस को लंबा-चौड़ा ई-मेल लिखकर हर बात की सफाई देनी पड़ती है—क्यों छुट्टी चाहिए, कितनी जरूरी है, क्या समस्या है और काम कैसे मैनेज होगा।
महिला का कहना है कि जरूरत से ज्यादा खुद को “जस्टिफाई” करना ही आज के कॉर्पोरेट वर्क कल्चर की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। उसने कहा कि कई कर्मचारी छुट्टी मांगते समय अपराधबोध महसूस करने लगते हैं, मानो आराम करना या निजी जिंदगी के लिए समय निकालना कोई गलती हो।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही नौकरीपेशा लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी। हजारों यूजर्स ने कहा कि महिला ने बिल्कुल वही बात कही है, जो हर कॉर्पोरेट कर्मचारी रोज महसूस करता है।
एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ एक दिन की छुट्टी के लिए ऐसा मेल लिखना पड़ता है जैसे नौकरी छोड़ रहे हों।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “बीमार होने पर भी पहले यह सोचना पड़ता है कि बॉस क्या कहेगा।”
कई लोगों ने कहा कि आज के समय में कर्मचारियों से लगातार “प्रोडक्टिव” रहने की उम्मीद की जाती है, जिससे मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा है। कुछ यूजर्स ने यह भी लिखा कि छुट्टी लेना कर्मचारियों का अधिकार है, न कि कोई एहसान।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार काम का दबाव और छुट्टी लेने पर सवाल उठाना कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए जरूरी है कि कंपनियां कर्मचारियों को बिना डर और अपराधबोध के छुट्टी लेने का माहौल दें।
आजकल सोशल मीडिया पर ऑफिस लाइफ और कॉर्पोरेट कल्चर से जुड़े वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग इन अनुभवों से खुद को जोड़ पाते हैं। यही वजह है कि महिला का यह वीडियो भी इंटरनेट पर लोगों के दिल की आवाज बन गया है।
फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है और नौकरीपेशा लोग खुलकर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।