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कुत्ते को घुमाने निकले हैं तो यह जिम्मेदारी भी निभाएं, छोटी लापरवाही से गंदी हो रही हैं सार्वजनिक जगहें, Video Viral 

 

कुत्ते को टहलाने के लिए लोग अक्सर पार्क, सड़क या आसपास की खुली जगहों का रुख करते हैं। पालतू जानवरों को रोजाना घुमाना उनकी सेहत और मानसिक सक्रियता के लिए जरूरी माना जाता है। इसके अलावा घर के अंदर गंदगी न हो, इसलिए भी कई लोग अपने कुत्तों को बाहर लेकर जाते हैं। हालांकि, समस्या तब पैदा होती है, जब कुत्ता सड़क या पार्क में पॉटी कर देता है और उसका मालिक उसे साफ करने के बजाय वहीं छोड़कर आगे बढ़ जाता है।

शहरों में सार्वजनिक जगहों की साफ-सफाई केवल नगर निगम या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है। आम लोगों की भूमिका भी इसमें बेहद महत्वपूर्ण होती है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग अपने पालतू कुत्तों को घुमाने तो निकलते हैं, मगर उनके द्वारा की गई गंदगी को साफ करने की जिम्मेदारी नहीं निभाते। ऐसे लोग यह सोचकर आगे बढ़ जाते हैं कि सड़क या पार्क उनका निजी घर नहीं है। इसलिए वहां थोड़ी गंदगी हो जाने से क्या फर्क पड़ेगा।

यही सोच धीरे-धीरे सार्वजनिक जगहों की स्थिति खराब करती है। पार्कों में बच्चे खेलते हैं, बुजुर्ग टहलते हैं और लोग सुबह-शाम स्वास्थ्य के लिए घूमने आते हैं। ऐसे में रास्ते या घास पर कुत्ते की पॉटी पड़ी रहने से लोगों को परेशानी होती है। कई बार लोग अनजाने में उस पर पैर रख देते हैं, जिससे गंदगी जूतों के साथ घर तक पहुंच जाती है। इसके अलावा खुले में पड़ी गंदगी से दुर्गंध और संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।

पालतू कुत्ते को बाहर घुमाने वाले लोगों को अपने साथ पॉटी बैग या छोटे कचरा बैग जरूर रखने चाहिए। कुत्ते के गंदा करने के बाद उसे बैग में उठाकर निर्धारित कूड़ेदान में डालना एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। कई शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर पालतू जानवरों की गंदगी साफ नहीं करने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। हालांकि, नियमों से ज्यादा जरूरी लोगों की अपनी जिम्मेदारी और जागरूकता है।

सार्वजनिक जगहें सभी के लिए होती हैं। जिस तरह कोई व्यक्ति अपने घर को साफ रखता है, उसी तरह सड़क, पार्क और आसपास के इलाकों को साफ रखना भी जरूरी है। छोटी-सी सावधानी से न केवल शहर साफ रह सकता है, बल्कि दूसरे लोगों को भी परेशानी से बचाया जा सकता है। इसलिए कुत्ते को घुमाने निकलें तो उसके साथ पॉटी बैग ले जाना और गंदगी को तुरंत साफ करना अपनी जिम्मेदारी समझें। शहर की सफाई केवल व्यवस्था से नहीं, बल्कि नागरिकों की आदतों से भी तय होती है।