रिश्वत नहीं मिली तो रोका इलाज, फिर चेकअप के दौरान तोड़ दी जुड़ती हड्डी! विधवा मां ने लगाई न्याय की गुहार
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने रिश्वत न मिलने पर पहले एक मानसिक रूप से बीमार बच्ची का इलाज रोक दिया। बाद में जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ऑपरेशन तो किया गया, लेकिन चेकअप के दौरान डॉक्टरों ने कथित तौर पर ऐसी बेरहमी दिखाई कि बच्ची की जुड़ रही हड्डी दोबारा टूट गई।
इलाज के बदले मांगी गई रिश्वत का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि बच्ची के इलाज के लिए अस्पताल में रिश्वत मांगी गई थी। विधवा मां का कहना है कि पैसे न देने पर डॉक्टरों ने बच्ची का इलाज करने से इनकार कर दिया। मामला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद कथित रूप से 8 हजार रुपये लेकर बच्ची का ऑपरेशन किया गया।
चेकअप के दौरान हुई हैरान करने वाली घटना
महिला का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद जब बच्ची को नियमित जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टर ने उसके पैर को जोर से मोड़ दिया। इससे पहले से जुड़ रही हड्डी दोबारा टूट गई। घटना के बाद बच्ची की हालत और खराब हो गई, जिससे परिवार गहरे सदमे में है।
कलेक्ट्रेट पहुंची विधवा मां
न्याय की मांग को लेकर पीड़ित विधवा मां कलेक्ट्रेट पहुंची और अधिकारियों को शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। महिला का कहना है कि दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि किसी अन्य मरीज और उसके परिवार को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
जांच और कार्रवाई की मांग
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह चिकित्सा पेशे की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों में आक्रोश
घटना की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई यूजर्स ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच अभी बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहा है।