ईडाणा माता ने 11 महीने बाद किया अग्नि स्नान, 12 फीट तक उठीं लपटें, प्रतिमा सुरक्षित
राजस्थान में ईडाणा माता के मंदिर में मंगलवार को 11 महीने बाद पुनः भव्य अग्नि स्नान (हवन) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हवन की आग की लपटें 12 फीट से ऊपर उठती देख भक्त और श्रद्धालु रोमांचित और मंत्रमुग्ध हो गए। मंदिर प्रशासन ने बताया कि इस भव्य अनुष्ठान के दौरान माताजी की प्रतिमा को किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ।
मंदिर में आयोजित अग्नि स्नान में भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। हवन की भव्यता और अग्नि की तीव्रता देखकर लोग मंत्रोच्चारण करते हुए माता की आराधना में लीन हो गए। मंदिर के पुजारी ने बताया कि अग्नि स्नान का यह आयोजन मासिक परंपरा के अनुसार किया जाता है, लेकिन पिछले 11 महीनों से यह अनुष्ठान नहीं हो पाया था।
अनुष्ठान के दौरान इस्तेमाल की गई लकड़ी और सामग्री का चयन विशेष रूप से किया गया था ताकि अग्नि की लपटें ऊंची उठें और माताजी की प्रतिमा और मंदिर परिसर सुरक्षित रहें। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा के लिए अग्नि नियंत्रण और आपातकालीन उपायों का विशेष प्रबंध किया था।
श्रद्धालुओं ने कहा कि अग्नि स्नान का यह दृश्य अद्भुत और दिव्य अनुभव था। 12 फीट तक उठती लपटों के बावजूद माता की प्रतिमा सुरक्षित रही, जिससे भक्तों में आस्था और उत्साह और बढ़ गया। पुजारी ने बताया कि अग्नि स्नान से वातावरण पवित्र होता है और यह पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है।
मंदिर प्रशासन ने भविष्य में भी अग्नि स्नान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की बात कही है। उन्होंने भक्तों से अपील की कि अनुष्ठान के दौरान केवल निर्धारित स्थानों पर ही रहें और सुरक्षित दूरी बनाकर श्रद्धा और अनुशासन के साथ माता की पूजा करें।
कुल मिलाकर, 11 महीने बाद ईडाणा माता का अग्नि स्नान एक भव्य और सुरक्षित आयोजन साबित हुआ। 12 फीट तक उठती लपटों के बावजूद प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं हुआ और भक्तों ने इस धार्मिक अनुष्ठान का अनुभव श्रद्धा और आनंद के साथ किया।