‘मैं बिकिनी पहनूंगी, किसी के बाप को क्या?’ सोनारिका भदौरिया का पुराना बयान फिर चर्चा में
टीवी सीरियल देवों के देव महादेव में मां पार्वती का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस सोनारिका भदौरिया एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका अभिनय नहीं, बल्कि सालों पहले बिकिनी तस्वीरों को लेकर हुआ विवाद है। जब सोनारिका ने साल 2016 में अपनी छुट्टियों के दौरान बिकिनी में तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थीं, तो उन्हें जमकर ट्रोल किया गया था।
सोनारिका भदोरिया हुई ट्रॉल,
— 🦋forever chahat🦋 (@Chahak__soni_pc) November 4, 2026
देवों के देव महादेव में मां पार्वती बनकर घर-घर में पहचान बनाने वाली सोनारिका भदौरिया ने जब
2016 में वेकेशन की बिकिनी तस्वीरें share की तो लोगों ने उन्हें संस्कारों का पाठ पढ़ाते हुए बेशर्म कह दिया
सालों बाद सोनारिका ने जवाब दिया मैं बिकिनी पहनूंगी,… pic.twitter.com/Ih5QUEOmgA
दरअसल, पर्दे पर मां पार्वती का किरदार निभाने के कारण कुछ लोगों ने सोनारिका के पहनावे को लेकर सवाल उठाए। कई यूजर्स ने उन्हें संस्कार और मर्यादा का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया। यहां तक कि कुछ लोगों ने उन्हें शर्मनाक बातें भी कहीं। सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस को उनके निजी जीवन और कपड़ों के लिए निशाना बनाया गया।
ट्रोलर्स को सोनारिका ने दिया था बेबाक जवाब
सालों बाद सोनारिका ने इस तरह की ट्रोलिंग पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उनके जवाब का अंदाज भी काफी बेबाक था। उन्होंने साफ किया कि पर्दे पर निभाया गया किरदार और असल जिंदगी एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। किसी कलाकार को उसके निभाए हुए किरदार के आधार पर निजी जिंदगी में भी उसी तरह रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
सोनारिका ने बिकिनी पहनने को लेकर उठाए गए सवालों पर कहा था कि वह बिकिनी पहनेंगी, इसमें किसी दूसरे को दखल देने की जरूरत नहीं है। उनका तर्क था कि अगर कोई व्यक्ति समुद्र किनारे पानी में उतरने जाता है, तो क्या वह साड़ी पहनकर जाएगा? यानी जगह और परिस्थिति के हिसाब से कपड़े पहनना किसी की निजी पसंद है।
पर्दे का किरदार असल जिंदगी नहीं होता
सोनारिका की बात का सीधा मतलब था कि एक कलाकार का ऑन-स्क्रीन किरदार उसकी पूरी पहचान नहीं होता। कैमरे के सामने वह कहानी और किरदार की जरूरत के मुताबिक काम करता है, लेकिन कैमरे के बाहर उसे अपनी जिंदगी अपनी पसंद से जीने का पूरा अधिकार है।
उनकी यह बात आज भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनती है। कई लोग एक्ट्रेस के बेबाक जवाब का समर्थन करते हैं और मानते हैं कि किसी कलाकार को उसके निजी पहनावे के आधार पर जज करना सही नहीं है। वहीं, यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि क्या किसी धार्मिक किरदार को निभाने वाले कलाकार से उसकी निजी जिंदगी में भी वैसी ही छवि बनाए रखने की उम्मीद करना उचित है?