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‘मुझसे नहीं होगा…’ जॉइनिंग के 6 घंटे बाद ही कर्मचारी ने दिया इस्तीफा, वायरल हुआ मामला

 

नई नौकरी ज्वाइन करने के बाद आमतौर पर कर्मचारी कुछ दिन काम और माहौल समझने में लगाते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर एक ऐसा मामला वायरल हो रहा है, जहां एक कर्मचारी ने जॉइनिंग के महज 6 घंटे बाद ही इस्तीफा दे दिया। कर्मचारी ने कथित तौर पर कंपनी को दिए इस्तीफे में लिखा—‘मुझसे नहीं होगा।’ मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग ऑफिस कल्चर और नौकरी के दबाव को लेकर बहस कर रहे हैं।

सुबह जॉइनिंग, शाम को इस्तीफा

वायरल पोस्ट के मुताबिक, कर्मचारी ने सुबह नई कंपनी में अपना पहला दिन शुरू किया। शुरुआती कुछ घंटों में उसे कंपनी की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई।

लेकिन दिन खत्म होने से पहले ही कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया। बताया जा रहा है कि करीब 6 घंटे काम करने के बाद उसने इस्तीफा भेज दिया।

इतने कम समय में इस्तीफा देने की वजह जानकर लोग भी हैरान हैं।

लिखा- ‘मुझसे नहीं होगा’

कर्मचारी के कथित इस्तीफे का सबसे चर्चित हिस्सा उसका छोटा सा संदेश बताया जा रहा है। उसने लिखा कि वह यह काम नहीं कर पाएगा और नौकरी छोड़ना चाहता है।

आमतौर पर कर्मचारी इस्तीफे में नोटिस पीरियड, व्यक्तिगत कारण या दूसरी नौकरी जैसी वजहों का उल्लेख करते हैं, लेकिन इस मामले में बेहद संक्षिप्त जवाब ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच लिया।

आखिर ऐसा क्या हुआ?

वायरल पोस्ट में कर्मचारी के 6 घंटे के अंदर इस्तीफा देने की बात तो कही जा रही है, लेकिन नौकरी छोड़ने की सटीक वजह स्पष्ट नहीं है।

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का अनुमान है कि काम का दबाव उसकी उम्मीद से ज्यादा रहा होगा। कुछ लोगों ने कहा कि संभव है कि कंपनी का माहौल या जॉब प्रोफाइल उसे पसंद नहीं आया हो।

हालांकि, बिना कर्मचारी या कंपनी की आधिकारिक जानकारी के इन कारणों को सिर्फ अनुमान ही माना जा सकता है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

मामला वायरल होने के बाद यूजर्स दो हिस्सों में बंट गए हैं। कुछ लोगों ने कर्मचारी के फैसले का समर्थन किया। उनका कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को शुरुआती घंटों में ही पता चल जाए कि नौकरी उसके लिए सही नहीं है, तो समय बर्बाद करने के बजाय जल्दी फैसला लेना बेहतर हो सकता है।

वहीं दूसरे यूजर्स का कहना है कि सिर्फ कुछ घंटे काम करने के बाद नौकरी छोड़ना जल्दबाजी हो सकती है। उनका मानना है कि किसी भी नए काम को समझने में समय लगता है और शुरुआती दिन अक्सर चुनौतीपूर्ण होते हैं।

बदल रही है नौकरी को लेकर सोच

यह घटना एक बड़े बदलाव की ओर भी इशारा करती है। आज की युवा पीढ़ी सिर्फ सैलरी के आधार पर नौकरी चुनने के बजाय वर्क कल्चर, मानसिक सुकून, काम के घंटे और वर्क-लाइफ बैलेंस को भी महत्व देती है।

अगर नौकरी की जिम्मेदारियां उम्मीदवार की उम्मीदों से बिल्कुल अलग निकलती हैं, तो कुछ कर्मचारी बिना लंबा समय लगाए नौकरी छोड़ने का फैसला कर लेते हैं।

क्या 6 घंटे में नौकरी छोड़ना सही?

इसका कोई एक जवाब नहीं हो सकता। अगर कर्मचारी को जॉब प्रोफाइल, काम की शर्तों या कंपनी की संस्कृति के बारे में ऐसी जानकारी मिलती है जो उसके लिए स्वीकार्य नहीं है, तो इस्तीफा देना उसका व्यक्तिगत फैसला हो सकता है।

लेकिन केवल शुरुआती परेशानी के आधार पर फैसला लेने से पहले काम को थोड़ा समय देना भी उपयोगी हो सकता है।