एक दिन में इंसान कितनी बार छोड़ता है गैस? रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा, जानिए किस उम्र में ज्यादा होती है Fart
क्या आपने कभी सोचा है कि एक स्वस्थ इंसान दिनभर में कितनी बार गैस छोड़ता है? सुनने में यह सवाल भले ही मजेदार या अजीब लगे, लेकिन शरीर की सामान्य क्रियाओं को समझने के लिए वैज्ञानिक लंबे समय से इस पर अध्ययन करते रहे हैं। हाल ही में हुई एक रिसर्च में इंसानों की गैस छोड़ने की आदत, उम्र और खान-पान के बीच संबंधों को समझने की कोशिश की गई है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, गैस छोड़ना यानी फार्ट करना शरीर की एक बिल्कुल सामान्य प्रक्रिया है। जब हमारा पाचन तंत्र भोजन को तोड़ता है, तो आंतों में मौजूद बैक्टीरिया कुछ गैस बनाते हैं। यही गैस शरीर से बाहर निकलती है। इसमें नाइट्रोजन, हाइड्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड और कुछ मात्रा में मीथेन जैसी गैसें शामिल होती हैं।
दिन में कितनी बार गैस छोड़ना सामान्य है?
एक पुराने वैज्ञानिक अध्ययन में पाया गया था कि स्वस्थ लोग औसतन दिन में करीब 10 बार गैस छोड़ते हैं। इस अध्ययन में सामान्य सीमा लगभग 20 बार तक बताई गई थी। हालांकि यह संख्या व्यक्ति की डाइट, पाचन क्षमता और आंतों में मौजूद बैक्टीरिया पर निर्भर करती है।
वहीं, एक बड़े आधुनिक अध्ययन में 6,400 से ज्यादा लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इसमें औसतन करीब 5 बार प्रतिदिन गैस छोड़ने का आंकड़ा सामने आया। शोध में यह भी देखा गया कि ज्यादातर लोग दिन में 2 से 7 बार तक गैस छोड़ते हैं।
किस उम्र के लोग छोड़ते हैं ज्यादा गैस?
रिसर्च में उम्र और गैस छोड़ने की आदत के बीच भी संबंध देखा गया। कुछ अध्ययनों के अनुसार, युवा वयस्कों में गैस छोड़ने की आवृत्ति अधिक देखी गई, जबकि ज्यादा उम्र वाले लोगों में यह थोड़ी कम हो सकती है। हालांकि उम्र अकेले इसका मुख्य कारण नहीं है, बल्कि खान-पान, जीवनशैली और पाचन स्वास्थ्य ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शाम के समय ज्यादा क्यों आती है गैस?
वैज्ञानिकों ने पाया कि दिनभर भोजन करने के बाद शाम के समय गैस बनने और निकलने की संभावना बढ़ सकती है। इसका कारण यह है कि भोजन के पाचन के दौरान आंतों में धीरे-धीरे गैस जमा होती रहती है। खासतौर पर फाइबर वाली चीजें जैसे दालें, फलियां, सब्जियां और कुछ अनाज ज्यादा गैस बना सकते हैं।
किन कारणों से ज्यादा बनती है गैस?
गैस बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं—
- जल्दी-जल्दी खाना खाने से ज्यादा हवा निगलना
- ज्यादा फाइबर वाला भोजन लेना
- कार्बोनेटेड ड्रिंक पीना
- कुछ लोगों में दूध या ग्लूटेन जैसी चीजों से संवेदनशीलता
- कब्ज या पाचन संबंधी समस्याएं
हालांकि केवल ज्यादा गैस निकलना हमेशा बीमारी का संकेत नहीं होता। अगर गैस के साथ पेट दर्द, लगातार सूजन, वजन कम होना या अन्य परेशानी हो तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।
कुल मिलाकर वैज्ञानिकों का कहना है कि फार्ट करना शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसे लेकर शर्मिंदगी महसूस करने की जरूरत नहीं है। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए गैस छोड़ने की संख्या भी अलग-अलग हो सकती है। सही खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।