2600 करोड़ की लागत से बना हाईवे एक साल में दूसरी बार धंसा, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मजेदार तंज
मध्य प्रदेश के उज्जैन-गरोठ हाईवे को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। करीब 2600 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए इस हाईवे के एक हिस्से के दोबारा धंसने की खबर सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
2600 करोड़ से बना उज्जैन-गरोठ हाईवे एक साल में दूसरी बार धंस गया,
— खुरपेंच (@khurpenchh) September 4, 2026
स्थानीय लोगों का कहना है कि नेहरू जी अँधेरे में वहाँ से फावड़ा लेकर भागते दिखे हैं
pic.twitter.com/lekEIdBQwn
2600 करोड़ से बना उज्जैन-गरोठ हाईवे एक साल में दूसरी बार धंस गया,
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स्थानीय लोगों का कहना है कि नेहरू जी अँधेरे में वहाँ से फावड़ा लेकर भागते दिखे हैं
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बताया जा रहा है कि यह हाईवे पिछले एक साल में दूसरी बार धंसने की वजह से सुर्खियों में आया है। सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का सवाल है कि अगर करोड़ों रुपये खर्च करके तैयार की गई सड़क इतनी जल्दी खराब हो रही है, तो आखिर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर हुई थी?
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के मीम्स और व्यंग्य भी वायरल हो रहे हैं। इसी कड़ी में एक मजेदार तंज में दावा किया जा रहा है कि “स्थानीय लोगों ने बताया कि अंधेरे में नेहरू जी वहां फावड़ा लेकर भागते हुए दिखाई दिए।” हालांकि, यह बात महज व्यंग्य और सोशल मीडिया मजाक के तौर पर कही जा रही है, इसे वास्तविक घटना या तथ्य न माना जाए।
हाईवे के दोबारा धंसने की घटना ने एक बार फिर बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स में निर्माण की गुणवत्ता, निगरानी, ठेकेदारों की जवाबदेही और बारिश के दौरान ड्रेनेज सिस्टम जैसे मुद्दों पर बहस छेड़ दी है।
सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि जब किसी सड़क के निर्माण पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं, तो उसकी मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी होती है? करोड़ों की लागत वाले प्रोजेक्ट अगर बार-बार मरम्मत मांगने लगें, तो इसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
फिलहाल उज्जैन-गरोठ हाईवे के धंसने का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है और लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। सड़क के क्षतिग्रस्त होने की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी तय करने के लिए आधिकारिक जांच की जानकारी का इंतजार रहेगा।