यहां पीपल के पेड़ पर चुनारी बांधने से होती हैं मुरादें पूरी, चमत्कार देख हर कोई हो जाता है हैरान
"मां संतोषी की पूजा, हर दिल में है विश्वास, उनकी कृपा से सबकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।"
दिल्ली के हरि नगर बस डिपो के पास स्थित संतोषी माता मंदिर वेस्ट दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की मान्यता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, और खासकर नवरात्र के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ देखी जाती है। इस बार मंदिर में 91वें नवरात्र मेले का आयोजन किया जा रहा है। मौसम चाहे जैसे भी हो, भक्तों का उत्साह और आस्था कभी कम नहीं होती।
इतिहास और स्थापत्य
संतोषी माता मंदिर की स्थापना करीब 100 साल पहले हुई थी। इसके संस्थापक भगत शमशेर बहादुर सक्सेना थे। समय के साथ मंदिर का स्वरूप बदलता गया और इसके प्रति भक्तों की आस्था बढ़ी। आज इस मंदिर में हर नवरात्र के दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, खासकर दुर्गा सप्तसती पाठ और भंडारा के दौरान।
मंदिर की विशेषताएं
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पुजारी नहीं होते: इस मंदिर की एक खास बात यह है कि यहां कोई स्थायी पुजारी नहीं है। मां वैष्णो देवी की पूजा हर मंगलवार को और संतोषी माता की चौकी हर रविवार को होती है।
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नवरात्र विशेष: नवरात्र के दौरान मंदिर में दुर्गा सप्तसती पाठ रात 2 बजे तक चलता है, और श्रद्धालुओं के लिए 900 सेवादार दिन-रात सेवा में लगे रहते हैं।
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भंडारा: दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें श्रद्धालु नि:शुल्क प्रसाद प्राप्त करते हैं।
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विशाल मूर्ति: मंदिर में अष्ट धातु की विशाल संतोषी माता की मूर्ति है, और यहां चौबीस घंटे अखंड ज्योति जलती रहती है।
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मनोकामना पूर्ति: मान्यता है कि इस मंदिर में हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है। भक्त पीपल के पेड़ में चुनरी बांधकर अपनी मुरादें पूरी होने की उम्मीद रखते हैं, और मुराद पूरी होने पर चुनरी को खोलने के लिए वापस आते हैं।
मां का श्रृंगार
मंदिर में मां संतोषी का श्रृंगार बहुत धूमधाम से किया जाता है। ताजे फूलों से मां का श्रृंगार होता है, और हर दिन मां के वस्त्रों को बदला जाता है। समय-समय पर जूलरी और चूड़ी के डिजाइन में बदलाव किया जाता है ताकि मां का श्रृंगार और आकर्षक हो।
प्रमुख मान्यता और दर्शन
मंदिर में माता संतोषी सहज रूप में प्रकट होकर भक्तों को दर्शन देती हैं। यह मंदिर कार्तिक और चैत्र मास के दौरान 15 दिन तक चलने वाले मेले का आयोजन करता है, साथ ही हर साल 4 प्रमुख समारोह भी यहां होते हैं। श्रद्धालु यहां आकर अपनी मनोकामनाएं मां से पूरा करने की प्रार्थना करते हैं और उन मनोकामनाओं को पूरे होते देख मंदिर में आते हैं।
वीआईपी ट्रेंड नहीं
मंदिर के प्रेजिडेंट ओपी मोदी ने यह स्पष्ट किया है कि इस मंदिर में आमिर और गरीब भक्तों में कोई फर्क नहीं होता। सभी को दर्शन के लिए लाइन में लगना पड़ता है, और प्रसाद तथा भंडारा सभी को समान रूप से मिलता है।
संतोषी माता मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां भक्तों की आस्था और विश्वास मजबूत होता है, और यह स्थान दिल्ली एनसीआर के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बन चुका है।
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