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'दुबई में मोटे सैलरी पैकेज का मतलब भारी बचत नहीं होता!' भारतीय महिला ने Video में समझाया; यूजर्स ने किया रिएक्ट
 

 

विदेश जाकर नौकरी करने का सपना देखने वाले कई भारतीयों के लिए दुबई एक पसंदीदा डेस्टिनेशन है। बेहतर सैलरी पैकेज और टैक्स से जुड़े फायदों की वजह से बड़ी संख्या में लोग यूएई का रुख करते हैं। हालांकि, दुबई में मिलने वाली बड़ी सैलरी का मतलब यह जरूरी नहीं कि हर महीने उतनी ही बड़ी रकम बचत के तौर पर जमा हो जाए। सोशल मीडिया पर एक भारतीय महिला का वीडियो इसी मुद्दे को लेकर चर्चा में है।

महिला ने अपने वीडियो में दुबई में नौकरी करने वाले लोगों की कमाई और खर्च के बीच के अंतर को समझाने की कोशिश की है। उनका कहना है कि केवल सैलरी पैकेज देखकर विदेश में नौकरी का फैसला नहीं करना चाहिए। किसी भी ऑफर को स्वीकार करने से पहले वहां रहने का खर्च, किराया, आने-जाने का खर्च, खाने-पीने और दूसरी जरूरतों पर होने वाले खर्च का हिसाब लगाना जरूरी है।

बड़ी सैलरी के साथ खर्च भी ज्यादा

वीडियो में महिला बताती हैं कि दुबई में कुछ क्षेत्रों में भारतीय प्रोफेशनल्स को अच्छी सैलरी मिल सकती है, लेकिन वहां जीवन-यापन का खर्च भी काफी महत्वपूर्ण है। खासकर घर का किराया कई लोगों के मासिक बजट का बड़ा हिस्सा हो सकता है।

इसके अलावा बिजली-पानी, इंटरनेट, परिवहन, खाने-पीने, स्वास्थ्य से जुड़े खर्च और दूसरी रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पैसे खर्च होते हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति की सैलरी भारतीय मुद्रा में देखने पर बहुत बड़ी दिखाई दे सकती है, लेकिन वास्तविक बचत का पता लगाने के लिए कुल खर्च को घटाना जरूरी है।

वीडियो पर यूजर्स ने किया रिएक्ट

महिला का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूजर्स अपनी-अपनी राय साझा कर रहे हैं। कुछ लोगों ने उनकी बात से सहमति जताते हुए कहा कि विदेश में नौकरी के ऑफर को केवल सैलरी के आधार पर नहीं देखना चाहिए। वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि दुबई में बचत पूरी तरह व्यक्ति की सैलरी, रहने की जगह, परिवार के आकार और जीवनशैली पर निर्भर करती है।

कुछ लोगों ने यह भी कहा कि कंपनी अगर रहने और ट्रांसपोर्ट की सुविधा देती है तो कर्मचारी की बचत काफी अलग हो सकती है। वहीं खुद का घर किराए पर लेने और परिवार के साथ रहने वालों के खर्च का गणित अलग हो सकता है।

सैलरी के साथ पूरा पैकेज देखना जरूरी

दुबई में नौकरी का ऑफर मिलने पर बेस सैलरी के अलावा कंपनी की ओर से मिलने वाले अन्य लाभों को देखना भी जरूरी होता है। आवास, परिवहन, मेडिकल इंश्योरेंस, वार्षिक टिकट और अन्य सुविधाएं किसी कर्मचारी की वास्तविक बचत पर बड़ा असर डाल सकती हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल महिला का वीडियो इसी बात को सामने रखता है कि विदेश में नौकरी का फैसला करते समय केवल 'मोटे पैकेज' को देखकर प्रभावित होने के बजाय आय और खर्च दोनों का पूरा हिसाब समझना चाहिए। हालांकि, हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और खर्च अलग होते हैं, इसलिए दुबई में कमाई और बचत का अनुभव भी व्यक्ति-दर-व्यक्ति बदल सकता है।