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5500 रु. में हाफ प्लेट चिकन, बिल देख चौंका कस्टमर तो रेस्टोरेंट ने कहा- ‘दूध पीकर बड़ा हुआ है ये मुर्गा’

 

दुनिया में अजीबो-गरीब चीजें आए दिन चर्चा में रहती हैं, लेकिन जब बात खाने-पीने की हो और उसमें भी चिकन की, तो चर्चा और तीखी हो जाती है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक रेस्टोरेंट की चिकन डिश को लेकर भारी हंगामा मचा हुआ है। कारण है इसकी कीमत और उससे भी ज्यादा, उसके पीछे दी गई "शास्त्रीय संगीत और दूध" वाली परवरिश की अजीब दलील।

शंघाई के रेस्टोरेंट में 5,500 रुपये की हाफ चिकन

ये मामला चीन के शंघाई शहर के एक हाई-एंड रेस्टोरेंट का है, जहां एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर खाने का अनुभव लेने गया था। वहां उसे एक हाफ प्लेट चिकन की कीमत 480 युआन यानी करीब 5,500 रुपये बताई गई। इतना सुनते ही उसके होश उड़ गए।

जब उसने मजाक में पूछा कि क्या इस चिकन को शास्त्रीय संगीत सुनाकर और दूध पिलाकर पाला गया है, तो रेस्टोरेंट कर्मचारियों ने बेहद गंभीरता से जवाब दिया – "हां, बिल्कुल!"

क्या है ये ‘सूरजमुखी चिकन’?

रेस्टोरेंट के मुताबिक, यह साधारण चिकन नहीं बल्कि एक बेहद दुर्लभ नस्ल का “सूरजमुखी चिकन” है, जिसे खास तौर पर चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के एक फार्म में पाला जाता है। इस चिकन को:

  • दूध पिलाया जाता है

  • शास्त्रीय संगीत सुनाया जाता है

  • और इसके आहार में सूरजमुखी के तनों और मुरझाए फूलों का रस शामिल होता है

फार्म की वेबसाइट पर यह भी दावा किया गया है कि इस चिकन को “सम्राट चिकन” कहा जाता है, और यह मिशेलिन स्टार शेफ्स के बीच काफी लोकप्रिय है। यही वजह है कि इसकी कीमत आम चिकन से कहीं ज्यादा है।

कीमत सुनकर भड़के लोग, सोशल मीडिया पर मीम्स की बौछार

जैसे ही इस महंगे चिकन की कहानी इंटरनेट पर वायरल हुई, लोगों की प्रतिक्रिया और मजेदार मीम्स की बाढ़ आ गई। किसी ने कहा – "इतनी कीमत में तो पूरा फार्म खरीद लूं", तो किसी ने लिखा – "अगर चिकन शास्त्रीय संगीत सुनता है, तो हमें लाइव कॉन्सर्ट क्यों नहीं मिला?"

कुछ ने तो रेस्टोरेंट की तुलना ललित कलाओं की अकादमी से कर डाली, जहां चिकन को नृत्य और गायन सिखाया जा रहा हो। ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा –
"अगर ये चिकन AR Rahman का संगीत सुनकर बड़ा हुआ है, तो क्या खाने से पहले उसका साउंडट्रैक भी मिलेगा?"

क्या सच में इतनी खास है ये नस्ल?

फार्म की वेबसाइट और रेस्टोरेंट की बातों के मुताबिक, सूरजमुखी चिकन की नस्ल को प्राकृतिक और तनाव-मुक्त माहौल में पाला जाता है, ताकि उसका मीट ज्यादा कोमल और स्वादिष्ट हो। दूध और क्लासिकल म्यूजिक से चिकन की ग्रोथ बेहतर होती है, ऐसा दावा किया गया है।

हालांकि, वैज्ञानिक आधार पर इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि शास्त्रीय संगीत या दूध का असर चिकन के स्वाद पर कितना पड़ता है। लेकिन ब्रांडिंग और हाई-एंड मार्केटिंग के इस दौर में, ऐसे अनोखे तर्कों के जरिए महंगे उत्पाद बेचना कोई नई बात नहीं है।

मिशेलिन स्टार शेफ की पसंद या मार्केटिंग का कमाल?

रेस्टोरेंट के अनुसार, यह चिकन कई अंतरराष्ट्रीय मिशेलिन शेफ्स द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, और इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है। लेकिन आम लोगों के लिए 11,800 रुपये का पूरा चिकन या 5,500 रुपये की हाफ प्लेट खर्च करना बेमानी लगता है।

खासकर जब इसे यह कहकर बेचा जाए कि – "ये संगीत प्रेमी है और सूरजमुखी का रस पीता है।"

खाने का स्वाद या दिखावा?

ऐसे मामलों से एक बड़ा सवाल खड़ा होता है – क्या अब खाना सिर्फ स्वाद और पौष्टिकता का मामला है या दिखावे, ब्रांडिंग और कहानियों का? सोशल मीडिया युग में जहां खास अनुभव और अलग पहचान की होड़ मची है, वहां शायद 5,000 रुपये की चिकन भी एक “एलीट ट्रेंड” का हिस्सा बन जाती है।

निष्कर्ष: चिकन महंगा नहीं, मार्केटिंग दमदार है

5,500 रुपये की हाफ प्लेट चिकन को लेकर मचा बवाल दिखाता है कि कैसे ब्रांडिंग और कहानी कहने की कला किसी भी सामान्य चीज को असाधारण बना सकती है।
जहां एक ओर सोशल मीडिया पर इसका मजाक उड़ाया जा रहा है, वहीं कुछ लोग इसे लक्ज़री फूड एक्सपीरियंस के तौर पर देखने लगे हैं।

अब देखना ये है कि क्या "दूध पीकर और संगीत सुनकर पला हुआ चिकन" अगली बार किसी मेन्यू कार्ड पर भी दिखाई देगा, या यह सिर्फ इंटरनेट ट्रोलिंग का शिकार बनकर रह जाएगा।