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आधी गाय-आधा भैंस है जानवर, लोग पालते तो हैं लेकिन नहीं रखते घर पर, जंगलों में ही घूमता है ये पशु!
 

 

दुनिया में जानवरों की ऐसी कई प्रजातियां हैं, जिन्हें देखकर पहली नजर में पहचान करना मुश्किल हो जाता है। किसी का शरीर एक जानवर जैसा तो चेहरा दूसरे जैसा दिखाई देता है। ऐसा ही एक पशु इन दिनों अपनी अनोखी बनावट की वजह से चर्चा में है। इसे देखकर लोग अक्सर कहते हैं कि यह आधी गाय और आधी भैंस जैसा दिखता है।

दरअसल, यहां बात गौर (Gaur) जैसे विशाल जंगली गोवंश की हो सकती है, जिसे कई जगहों पर उसके भारी शरीर और मजबूत कद-काठी की वजह से घरेलू मवेशियों से जोड़ा जाता है। हालांकि, इसे सीधे तौर पर गाय-भैंस का मिश्रण समझना सही नहीं है। यह अपनी अलग जंगली प्रजाति है।

दिखने में गाय-भैंस जैसा, लेकिन है जंगली पशु

गौर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के जंगलों में पाया जाने वाला एक बड़ा जंगली गोवंश है। इसका शरीर बेहद मजबूत और मांसल होता है। कंधों पर उभरा हुआ हिस्सा और भारी गर्दन इसे सामान्य घरेलू मवेशियों से अलग पहचान देते हैं।

इसके शरीर का रंग आमतौर पर गहरा भूरा से लगभग काला दिखाई दे सकता है, जबकि पैरों के निचले हिस्से अपेक्षाकृत हल्के रंग के होते हैं। इसके बड़े सींग इसे और भी प्रभावशाली बनाते हैं।

यही वजह है कि दूर से देखने पर कई लोगों को यह किसी विशाल भैंस या गाय जैसा लग सकता है।

लोग पालते हैं, लेकिन घर में नहीं रखते?

इस पशु से जुड़ी एक दिलचस्प बात यह है कि जंगली गौर को घरेलू गाय या भैंस की तरह घर में पालना सामान्य बात नहीं है। यह मुख्य रूप से जंगलों और प्राकृतिक आवासों में रहने वाला वन्यजीव है।

हालांकि, गौर से संबंधित एक पालतू रूप भी पाया जाता है, जिसे गयाल या मिथुन कहा जाता है। कुछ क्षेत्रों में मिथुन को लोगों द्वारा पाला जाता है और यह स्थानीय जीवन तथा परंपराओं का हिस्सा भी है।

यही वजह है कि गौर और मिथुन को लेकर कई बार इंटरनेट पर भ्रम पैदा हो जाता है। एक जंगली प्रजाति और उससे संबंधित पालतू/अर्ध-पालतू पशु को एक ही समझ लिया जाता है।

जंगलों में झुंड बनाकर घूमता है

गौर आमतौर पर जंगलों और घास वाले क्षेत्रों में दिखाई देता है। ये कई बार झुंड में रहते हैं और घास, पत्तियां तथा दूसरी वनस्पतियां खाते हैं।

इतना भारी शरीर होने के बावजूद गौर जरूरत पड़ने पर काफी तेजी से दौड़ सकता है। वयस्क नर का विशाल आकार जंगल में उसे बेहद प्रभावशाली बनाता है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह हमेशा इंसानों पर हमला करता है। अधिकांश वन्यजीवों की तरह गौर भी आमतौर पर अपने प्राकृतिक आवास में रहना पसंद करता है और इंसानों से दूरी बनाए रखता है।

क्या सच में आधी गाय और आधी भैंस है?

इस सवाल का सीधा जवाब है—नहीं। यह न तो आधी गाय और आधी भैंस है और न ही सामान्य तौर पर गाय-भैंस के संकरण से बना कोई जानवर।

इसका गाय और भैंस जैसा दिखना इसकी शारीरिक बनावट और जंगली गोवंश से संबंध की वजह से है। गौर की अपनी अलग वैज्ञानिक पहचान है।

सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें देखकर भले ही लोग इसे ‘आधी गाय-आधी भैंस’ कहें, लेकिन प्रकृति में मौजूद यह विशाल पशु अपने आप में बेहद खास है।

यही अनोखा रूप, विशाल शरीर और जंगल में रहने की आदत गौर को दुनिया के सबसे प्रभावशाली जंगली गोवंशों में शामिल करती है।