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GPT 6 Astra ने IRCTC विंडो खुलते ही सेकंड्स में बुक कर दिया तत्काल टिकट, फाउंडर ने समझाया पूरा प्रोसेस

 

तत्काल ट्रेन टिकट बुक करना भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए अक्सर चुनौती भरा काम होता है। टिकट बुकिंग विंडो खुलते ही कुछ ही मिनटों में सीटें भर जाती हैं। ऐसे में अगर कोई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल कुछ ही सेकंड में पूरी बुकिंग प्रक्रिया पूरी कर दे, तो यह स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन जाता है। अब ऐसा ही एक दावा सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें GPT 6 Astra नाम के एआई एजेंट ने IRCTC पर तत्काल टिकट कुछ ही सेकंड में बुक करने का प्रदर्शन किया।

इसका वीडियो सामने आने के बाद एआई और रेलवे टिकट बुकिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दावा किया गया है कि टिकट बुकिंग विंडो खुलते ही एआई एजेंट ने जरूरी जानकारी को प्रोसेस किया और कुछ ही सेकंड में बुकिंग प्रक्रिया पूरी कर दी।

कैसे काम करता है AI एजेंट?

रिपोर्ट के मुताबिक, GPT 6 Astra को इस तरह तैयार किया गया है कि वह इंसान की तरह कंप्यूटर स्क्रीन को समझकर अलग-अलग वेबसाइट और एप्लिकेशन पर काम कर सके। सामान्य एआई चैटबॉट जहां सवालों का जवाब देने तक सीमित रहते हैं, वहीं एजेंटिक एआई किसी तय काम को पूरा करने के लिए कई चरण खुद करने की क्षमता रखता है।

तत्काल टिकट के मामले में इसका मतलब है कि एआई को पहले से जरूरी जानकारी और निर्देश दिए जाएं। इसके बाद बुकिंग विंडो खुलने पर वह संबंधित विकल्पों को चुनने, यात्रियों की जानकारी भरने और आगे की प्रक्रिया में तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश कर सकता है।

फाउंडर ने समझाया पूरा प्रोसेस

GPT 6 Astra के फाउंडर की ओर से साझा किए गए डेमो में टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को दिखाया गया। इसमें एआई एजेंट को स्क्रीन पर उपलब्ध विकल्पों को पहचानते और उसके अनुसार कार्रवाई करते हुए दिखाया गया। दावा है कि सिस्टम ने तत्काल बुकिंग शुरू होने के बाद बेहद कम समय में प्रक्रिया पूरी कर ली।

इस तरह के डेमो से यह भी पता चलता है कि एजेंटिक एआई केवल जानकारी देने वाला सिस्टम नहीं रह गया है, बल्कि वह डिजिटल इंटरफेस पर कई चरणों वाले काम को भी अंजाम देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

तत्काल टिकट बुकिंग में क्यों अहम है यह तकनीक?

IRCTC पर तत्काल टिकट की मांग बहुत ज्यादा रहती है। खासकर छुट्टियों और त्योहारों के दौरान सीमित सीटों के कारण टिकट कुछ ही समय में उपलब्ध नहीं रहते। ऐसे में कुछ सेकंड की तेजी भी बुकिंग में बड़ा अंतर पैदा कर सकती है।

हालांकि, एआई के जरिए टिकट बुकिंग से जुड़े दावों को समझते समय यह देखना जरूरी है कि संबंधित सिस्टम IRCTC के नियमों और बुकिंग प्रक्रिया का किस तरह पालन करता है। केवल किसी डेमो में टिकट जल्दी बुक हो जाना इस बात का प्रमाण नहीं है कि हर स्थिति में यही परिणाम मिलेगा।

एआई एजेंट की यह क्षमता भविष्य में ऑनलाइन बुकिंग, ट्रैवल प्लानिंग और दूसरे डिजिटल कार्यों को बदल सकती है। लेकिन टिकट बुकिंग जैसे मामलों में तकनीकी क्षमता के साथ नियमों, सुरक्षा और यूजर की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण रहेगी।