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‘गर्लफ्रेंड देगी सिर्फ 0% इंटरेस्ट…’ Chennai Metro के इस विज्ञापन ने इंटरनेट पर काटा बवाल
 

 

चेन्नई मेट्रो में लगे एक विज्ञापन ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हंगामा मचा दिया है। विज्ञापन में गर्लफ्रेंड और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तुलना की गई, जिसके बाद कई लोगों ने इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया। वहीं कुछ यूजर्स ने इसे सिर्फ ध्यान खींचने वाली मार्केटिंग रणनीति बताया।

क्या लिखा था विज्ञापन में?

चेन्नई मेट्रो के एक कोच में लगे पोस्टर में लिखा था-

“Girlfriend may give 0% interest, but our FD gives 14.40%.”

यानी विज्ञापन में दावा किया गया कि गर्लफ्रेंड से कोई ब्याज नहीं मिलेगा, जबकि उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम पर 14.40 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। यह विज्ञापन एक सहकारी क्रेडिट सोसाइटी THECOS (Thiruvalluvar Transport Corporation Employee’s Co-operative Credit Society Ltd) की ओर से लगाया गया था।

डीएमके सांसद ने जताई आपत्ति

विज्ञापन सामने आने के बाद डीएमके सांसद Thamizhachi Thangapandian ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विज्ञापन की तस्वीर शेयर करते हुए कहा कि इस तरह की भाषा महिलाओं को एक वस्तु की तरह पेश करती है और सार्वजनिक जगहों पर ऐसे विज्ञापनों से बचना चाहिए।

उन्होंने चेन्नई मेट्रो प्रशासन से सवाल किया कि इस तरह के विज्ञापन को सार्वजनिक परिवहन में लगाने की अनुमति कैसे दी गई। साथ ही उन्होंने इसे हटाने और भविष्य में ऐसे विज्ञापनों की जांच के लिए कदम उठाने की मांग की।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

विज्ञापन वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों की राय बंट गई। कुछ यूजर्स ने इसे क्रिएटिव मार्केटिंग बताते हुए कहा कि विज्ञापन का मकसद सिर्फ लोगों का ध्यान आकर्षित करना था। वहीं कई लोगों ने कहा कि किसी प्रोडक्ट को बेचने के लिए रिश्तों और महिलाओं को निशाना बनाना सही नहीं है।

कई सोशल मीडिया यूजर्स का कहना था कि मजाक और विज्ञापन के नाम पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने से पहले उसके सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखना चाहिए।

विज्ञापन बनाने वालों की रणनीति पर सवाल

मार्केटिंग की दुनिया में कई बार कंपनियां लोगों का ध्यान खींचने के लिए विवादित या चौंकाने वाले स्लोगन का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन इस मामले में सवाल यह उठ रहा है कि क्या ध्यान आकर्षित करने के लिए किसी रिश्ते या वर्ग को लेकर ऐसी तुलना करना उचित है।