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‘गीता मां’ ने Masturbation पर खुलकर रखी अपनी बात, सोशल मीडिया पर मचा बवाल!

 

बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर गीता कपूर, जिन्हें लोग प्यार से ‘गीता मां’ कहते हैं, अपने एक बेबाक बयान को लेकर चर्चा में आ गई हैं। निजी जिंदगी और यौन स्वास्थ्य जैसे विषयों पर अक्सर लोग खुलकर बात करने से कतराते हैं, लेकिन गीता कपूर ने इस मुद्दे पर अपनी राय बेझिझक रखी।

52 साल की उम्र में गीता मां का बेबाक बयान मास्टरबेशन पर ऐसी बात कह दी कि लोग रह गए हैरान।

अक्सर लोग अपनी निजी लाइफ और सेक्सुअल हेल्थ से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात करने से बचते हैं लेकिन गीता मां का अंदाज बिल्कुल अलग है।

गीता मां ने एक इवेंट में मास्टरबेशन को लेकर....read news pic.twitter.com/lT5ra8WbxQ

— pujarin (@poojareen11) October 27, 2026

52 साल की उम्र में गीता मां का बेबाक बयान मास्टरबेशन पर ऐसी बात कह दी कि लोग रह गए हैरान।

अक्सर लोग अपनी निजी लाइफ और सेक्सुअल हेल्थ से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात करने से बचते हैं लेकिन गीता मां का अंदाज बिल्कुल अलग है।

गीता मां ने एक इवेंट में मास्टरबेशन को लेकर....read news pic.twitter.com/lT5ra8WbxQ

— pujarin (@poojareen11) October 27, 2026


एक बातचीत के दौरान होस्ट शार्दुल पंडित ने उनसे मास्टरबेशन यानी हस्तमैथुन को लेकर सवाल किया। इस पर गीता कपूर ने सहज अंदाज में जवाब देते हुए कहा, “हां, बिल्कुल,” और साथ ही सवाल पूछने वाले से पूछा कि इस विषय पर बात करते समय इतनी झिझक क्यों हो रही है।

गीता कपूर ने इस बातचीत में हस्तमैथुन को महिलाओं की वेलनेस और खुद की देखभाल से जुड़े विषय के रूप में भी बताया। उनके इस जवाब के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने उनके बेबाक अंदाज की तारीफ की, जबकि कुछ यूजर्स ने इस पर सवाल उठाए।दरअसल, गीता कपूर को उनके डांस स्टूडेंट्स और प्रशंसक ‘गीता मां’ कहकर बुलाते हैं। इसी छवि को लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि किसी महिला को सम्मान से कोई उपनाम दिए जाने का मतलब यह नहीं कि उसकी अपनी निजी जिंदगी या भावनाएं नहीं हो सकतीं।

हस्तमैथुन क्या है? यह अपने शरीर को यौन सुख देने की एक सामान्य गतिविधि है। स्वास्थ्य के लिहाज से इसे आमतौर पर सामान्य माना जाता है, बशर्ते इससे चोट, परेशानी या रोजमर्रा की जिंदगी पर नकारात्मक असर न पड़ रहा हो।गीता कपूर के इस बयान ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे समाज में महिलाओं के निजी जीवन और यौन स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर बातचीत करने की जरूरत है?