कपड़ों को लेकर फ्लाइट से बैन हुई फिटनेस इंफ्लुएंसर अब जिम से भी बाहर, अजीब हरकतों से परेशान था स्टाफ
जर्मनी की चर्चित फिटनेस इंफ्लुएंसर एड्डा पिल्ज एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर अपनी फिटनेस और बोल्ड अंदाज के लिए मशहूर एड्डा को अब एक जिम फ्रेंचाइजी ने एंट्री देने से रोक दिया है। इससे पहले भी वह एक एयरलाइन से जुड़े विवाद के कारण चर्चा में आ चुकी हैं।
जानकारी के मुताबिक, एड्डा पिल्ज को जिम में कुछ ऐसी गतिविधियों के कारण बैन किया गया, जिससे वहां का स्टाफ कथित तौर पर परेशान हो गया था। जिम प्रबंधन का कहना था कि उनकी कुछ हरकतें नियमों के खिलाफ थीं और इससे अन्य सदस्यों को भी असुविधा होती थी।
जिम में क्या करती थीं एड्डा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, एड्डा जिम में अक्सर अपने वर्कआउट से जुड़े वीडियो और फोटो शूट करती थीं। आरोप है कि कई बार वह ऐसी जगहों पर कंटेंट रिकॉर्ड करती थीं, जहां अन्य लोगों की निजता प्रभावित हो सकती थी।
जिम स्टाफ का कहना था कि लगातार शूटिंग और कुछ व्यवहार के कारण वहां का माहौल प्रभावित हो रहा था। इसके बाद जिम मालिक ने उन्हें अपनी सुविधा में आने से रोकने का फैसला लिया।
हालांकि, एड्डा पिल्ज ने इस कार्रवाई पर अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि वह केवल अपने फिटनेस कंटेंट के लिए वीडियो बनाती थीं। उनका दावा था कि उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।
पहले भी फ्लाइट से जुड़ा विवाद
एड्डा पिल्ज इससे पहले जर्मनी की एयरलाइन Lufthansa से जुड़े विवाद के कारण सुर्खियों में आई थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें कपड़ों को लेकर फ्लाइट में परेशानी का सामना करना पड़ा था और इस घटना के बाद मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा।
उन्होंने उस घटना को लेकर अपनी नाराजगी जताई थी और इसे अपने साथ अनुचित व्यवहार बताया था।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
एड्डा पिल्ज के इस नए विवाद पर सोशल मीडिया यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इंफ्लुएंसर्स के लिए सार्वजनिक जगहों पर कंटेंट बनाने के नियमों का पालन करने की बात कह रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स का मानना है कि क्रिएटर्स को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए।
फिटनेस इंफ्लुएंसर के तौर पर एड्डा की बड़ी फैन फॉलोइंग है और वह अक्सर अपने वर्कआउट वीडियो और लाइफस्टाइल पोस्ट के कारण चर्चा में रहती हैं।
फिलहाल जिम बैन का यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि सार्वजनिक जगहों पर कंटेंट क्रिएशन और निजी नियमों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।