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चीन के लिए जासूसी करेगी ‘मछली’, समुद्र में निगरानी के लिए तैयार हो रही है अनोखी तकनीक

 

चीन समुद्री निगरानी और जासूसी के क्षेत्र में एक ऐसी तकनीक पर काम कर रहा है, जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रिपोर्टों के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने मछली जैसी दिखने वाली एक रोबोटिक मशीन विकसित की है, जिसका इस्तेमाल पानी के भीतर निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा सकता है। देखने में यह बिल्कुल सामान्य मछली जैसी लग सकती है, लेकिन इसके भीतर अत्याधुनिक तकनीक मौजूद है।

इस तरह के रोबोट को बायोइंस्पायर्ड अंडरवाटर रोबोट कहा जाता है। इसका डिजाइन समुद्री जीवों की प्राकृतिक गतिविधियों से प्रेरित होता है। सामान्य पनडुब्बी या पारंपरिक अंडरवाटर ड्रोन की तुलना में मछली जैसी संरचना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पानी में अपेक्षाकृत प्राकृतिक तरीके से आगे बढ़ सकती है। इससे समुद्री वातावरण में इसकी मौजूदगी का पता लगाना मुश्किल हो सकता है।

रिपोर्टों के अनुसार, चीन लंबे समय से पानी के भीतर इस्तेमाल होने वाले मानव रहित रोबोट और स्वायत्त प्रणालियों पर काम कर रहा है। इन तकनीकों का इस्तेमाल समुद्री अनुसंधान, पर्यावरण की निगरानी, समुद्र की गहराई में डेटा जुटाने और सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। मछली के आकार वाला रोबोट भी इसी व्यापक तकनीकी विकास का हिस्सा माना जा रहा है।

ऐसे रोबोट में कैमरे, सेंसर और संचार उपकरण लगाए जा सकते हैं। इनकी मदद से पानी के भीतर तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करने के साथ-साथ तापमान, पानी की गुणवत्ता और अन्य पर्यावरणीय आंकड़े जुटाए जा सकते हैं। सैन्य इस्तेमाल की स्थिति में इसी तरह की तकनीक समुद्री क्षेत्रों की निगरानी के लिए उपयोगी हो सकती है।

इस तकनीक की खासियत इसका आकार और चलने का तरीका है। पारंपरिक प्रोपेलर से चलने वाले ड्रोन की तुलना में मछली जैसी गति वाला रोबोट पानी में कम हलचल पैदा कर सकता है। इससे वह समुद्री जीव जैसा दिखाई दे सकता है और उसकी गतिविधियों को दूर से पहचानना कठिन हो सकता है।

हालांकि, किसी तकनीक का संभावित सैन्य या खुफिया इस्तेमाल और उसका वास्तविक इस्तेमाल एक ही बात नहीं है। ऐसी प्रणालियों की वास्तविक क्षमता इस बात पर निर्भर करती है कि उनमें कौन से सेंसर लगाए गए हैं, वे कितनी देर तक पानी में काम कर सकती हैं और उनसे प्राप्त डेटा को किस तरह भेजा या संग्रहित किया जाता है।

चीन के इस तरह के प्रयोगों ने समुद्री सुरक्षा और आधुनिक निगरानी तकनीक को लेकर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है। आने वाले समय में समुद्र के भीतर निगरानी के लिए पारंपरिक पनडुब्बियों और ड्रोन के साथ-साथ ऐसे जैविक जीवों से प्रेरित रोबोट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।