बाप-बेटे की एक साथ हुई अनोखी शादी: शहनाई नहीं, पोती की किलकारियों से गूंज उठा माहौल
झारखंड के एक इलाके में आयोजित एक धार्मिक समारोह के दौरान ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद लोगों को हैरान भी किया और भावुक भी। पवित्र बाइबिल पाठ के बीच एक ही मंच पर दो अलग-अलग विवाह संपन्न हुए।
जानकारी के अनुसार, इस आयोजन में पहले रामलाल मुंडा और सहोदरी देवी ने ईसाई परंपरा के अनुसार विवाह की रस्मों के दौरान एक-दूसरे का हाथ थामा और पति-पत्नी के रूप में नए जीवन की शुरुआत की। उसी कार्यक्रम में एक और अनोखा पल तब आया जब उनके पुत्र जीतेश्वर मुंडा ने अरुणा मुंडा के साथ विवाह सूत्र में बंधकर अपना नया जीवन शुरू किया।
धार्मिक माहौल में हुआ सामूहिक आयोजन
समारोह के दौरान बाइबिल पाठ, प्रार्थना और चर्च की रस्मों के बीच दोनों जोड़ियों ने एक साथ अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। पूरे कार्यक्रम में धार्मिक वातावरण और पारिवारिक भावनाएं एक साथ देखने को मिलीं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह आयोजन बेहद सादगीपूर्ण लेकिन भावनात्मक था, जिसमें परिवार, रिश्तेदार और समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
परिवार और परंपरा का अनोखा संगम
एक ही परिवार में पिता और पुत्र के एक ही दिन विवाह बंधन में बंधने की यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। लोगों ने इसे “एक साथ दो पीढ़ियों का नया सफर” कहा।
सोशल मीडिया पर चर्चा
यह घटना सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग इसे अनोखा और दुर्लभ पारिवारिक क्षण बता रहे हैं। कई यूजर्स इसे परंपरा और आधुनिक जीवन के सुंदर मेल के रूप में देख रहे हैं।