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ऐसे जताई खुशी, जैसे गोल्ड मेडल जीतकर आए हों! अंतरजातीय शादी पर अब कानून देगा संरक्षण

 

लव मैरिज को लेकर अक्सर समाज में तरह-तरह की बहस देखने को मिलती है। खासकर जब शादी दो अलग-अलग जातियों के लड़के और लड़की के बीच हो, तो परिवार और समाज का दबाव कई बार काफी बढ़ जाता है। लेकिन अब अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों के लिए कानूनी संरक्षण की बात एक बार फिर चर्चा में है।

बोल तो ऐसे रहे दोनों जैसे एशियन गेम्स में से गोल्ड मेडल जीत कर लाए हैं देश के लिए,

लेकिन अब लव मैरिज जितनी भी हो रही है ज्यादातर एक जाति से दूसरी जाति में हो रही है अंतरजातियां शादियां बढ़ रही है

अब कानून इनको सुरक्षा भी देगा संरक्षण भी देगा pic.twitter.com/l4g61kZrl6

— Prem singh meena (@TATUPREM5555) September 26, 2026

दरअसल, देश में अंतरजातीय यानी अलग-अलग जातियों के लोगों के बीच होने वाली शादियों को लेकर लंबे समय से सामाजिक और कानूनी स्तर पर चर्चा होती रही है। ऐसे मामलों में सबसे बड़ा सवाल कपल की सुरक्षा और उनके अपने फैसले को लेकर सामने आता है।

कानून बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार देता है। अगर दो बालिग लोग अपनी इच्छा से शादी करते हैं, तो केवल अलग जाति से होने के कारण उनके साथ भेदभाव या हिंसा को कानूनी आधार नहीं मिल जाता।इसी वजह से अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों की सुरक्षा को लेकर अदालतें और प्रशासन भी कई मौकों पर निर्देश दे चुके हैं। यानी मामला सिर्फ प्रेम विवाह का नहीं, बल्कि दो बालिग लोगों के अपने जीवन के फैसले और उनकी सुरक्षा के अधिकार का भी है।

अब सवाल ये है कि क्या आने वाले समय में अंतरजातीय विवाह को लेकर समाज की सोच और ज्यादा बदलेगी? क्या जाति की पुरानी दीवारें कमजोर होंगी? और क्या लव मैरिज करने वाले युवाओं को अपने फैसले के लिए ज्यादा कानूनी सुरक्षा और सामाजिक स्वीकार्यता मिलेगी?