डॉगी ने जीता चुनाव, बना मेयर! वोटरों ने इंसानों को छोड़कर चुना चार पैरों वाला नेता
चुनाव में आपने नेताओं को जीतते और हारते तो खूब देखा होगा, लेकिन क्या कभी किसी डॉगी को चुनाव जीतकर मेयर बनते देखा है? अमेरिका के कुछ छोटे समुदायों में यह वाकई देखने को मिलता है, जहां लोगों ने इंसानों के बजाय पालतू जानवरों को अपना मेयर चुना है। सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह अनोखी चुनावी परंपरा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जाती है।
अमेरिका के कुछ छोटे कस्बों और अनिगमित समुदायों में लंबे समय से ऐसे प्रतीकात्मक चुनाव आयोजित किए जाते हैं। इनमें कुत्ते, बिल्ली, घोड़े और दूसरे जानवर भी उम्मीदवार बन सकते हैं। जीतने वाले जानवर को मेयर की उपाधि दी जाती है, हालांकि इन पदों के पास सामान्य नगरपालिका मेयर जैसी वास्तविक प्रशासनिक शक्तियां नहीं होतीं।
डॉगी के लिए हुआ चुनाव
ऐसे ही एक चर्चित मामले में कुत्ते को चुनाव में जीत मिलने के बाद मेयर बनाया गया। इस तरह के चुनावों में लोग अपने पसंदीदा पालतू जानवर के पक्ष में वोट करते हैं। कई जगह वोटिंग के जरिए जुटाई गई रकम स्थानीय सामाजिक कार्यों, पशु कल्याण या सामुदायिक संस्थाओं के लिए इस्तेमाल की जाती है।
अमेरिका के इडिलवाइल्ड में तो “मेयर मैक्स” नाम से गोल्डन रिट्रीवर की पूरी श्रृंखला रही है। वहां 2012 से पालतू जानवरों को चुनाव में उतारने की परंपरा शुरू हुई थी और वोटिंग से स्थानीय रेस्क्यू संस्था के लिए धन जुटाया गया।
चुनाव जीतकर क्या करता है डॉगी?
मेयर बनने वाला डॉगी सरकारी फाइलों पर दस्तखत नहीं करता और न ही शहर के प्रशासनिक फैसले लेता है। उसकी भूमिका मुख्य रूप से सामुदायिक कार्यक्रमों में शामिल होने, लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय आयोजनों का हिस्सा बनने तक सीमित रहती है।
कुछ जगहों पर ऐसे चुनावों का मकसद लोगों को समुदाय से जोड़ना और स्थानीय संस्थाओं के लिए फंड जुटाना भी होता है। मिसाल के तौर पर केंटकी के रैबिट हैश में 1998 से जानवरों को मेयर चुनने की परंपरा चली आ रही है। वहां 2020 में फ्रेंच बुलडॉग विल्बर ने चुनाव जीता था और वोटिंग से मिलने वाली रकम स्थानीय ऐतिहासिक संस्था के लिए जुटाई गई थी।
यानी डॉगी का मेयर बनना सुनने में भले ही मजेदार लगे, लेकिन इन चुनावों के पीछे समुदाय को जोड़ने और सामाजिक कार्यों के लिए धन जुटाने का उद्देश्य भी हो सकता है। यही वजह है कि अमेरिका के कुछ छोटे इलाकों में चार पैरों वाले ये “नेता” लोगों के बीच खासे लोकप्रिय बने हुए हैं।