नगर निगम ने बना दिया ‘यमलोक जाने का रास्ता’? वायरल हुआ वीडियो
मेरठ से सामने आया एक वीडियो नगर निगम की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो मेरठ के कंकरखेड़ा इलाके का बताया जा रहा है, जहां सड़क और रास्ते की स्थिति को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
'मेरठ नगर निगम ने 'यमलोक' जाने का रास्ता इजाद किया है'
— Raju Sharma journalist (@RajuSharmajour1) September 10, 2026
वीडियो मेरठ के कंकरखेड़ा इलाके का है. नगर निगम ने यहा से आम जनता के लिए सीधे 'यमलोक' जाने का रास्ता इजाद किया है. अब तक आधा दर्जन लोग इस रास्ते से यमलोक जाते जाते बचें है. कई अस्पतालों में भर्ती हैं. pic.twitter.com/LSO5iykp34
'मेरठ नगर निगम ने 'यमलोक' जाने का रास्ता इजाद किया है'
— Raju Sharma journalist (@RajuSharmajour1) September 10, 2026
वीडियो मेरठ के कंकरखेड़ा इलाके का है. नगर निगम ने यहा से आम जनता के लिए सीधे 'यमलोक' जाने का रास्ता इजाद किया है. अब तक आधा दर्जन लोग इस रास्ते से यमलोक जाते जाते बचें है. कई अस्पतालों में भर्ती हैं. pic.twitter.com/LSO5iykp34
वीडियो शेयर करने वाले पत्रकार के मुताबिक, यहां की स्थिति इतनी खराब है कि इसे ‘यमलोक जाने का रास्ता’ तक कहा जा रहा है। पोस्ट में दावा किया गया है कि इस रास्ते से गुजरते हुए अब तक करीब आधा दर्जन लोग हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं, जबकि कई लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की बात भी कही गई है।
अगर ये दावे सही हैं, तो मामला बेहद गंभीर है। सवाल यह है कि आखिर जिस सड़क या रास्ते से रोजाना आम लोग गुजरते हैं, वहां सुरक्षा की उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई? क्या नगर निगम को किसी बड़े हादसे का इंतजार है?स्थानीय लोगों की सुरक्षा किसी भी प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। सड़क पर गड्ढे, निर्माण कार्य, खुले हिस्से या किसी भी तरह की खतरनाक स्थिति अगर लंबे समय तक बनी रहती है, तो वह राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
अब इस वायरल वीडियो के बाद लोगों की नजर मेरठ नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर है। क्या इस रास्ते की जांच होगी? क्या खतरनाक हिस्से को जल्द ठीक किया जाएगा? और अगर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
ध्यान दें: सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए हादसों और अस्पताल में भर्ती लोगों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आधिकारिक जानकारी और प्रशासन की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।