लड़की की AI फोटो बनाकर मांगे पैसे, UPI ID देना पड़ा भारी… पहुंच गई आरोपी तक
बताया जा रहा है कि एक 16 साल के छात्र ने कथित तौर पर AI की मदद से एक लड़की की फर्जी और आपत्तिजनक तस्वीर तैयार की और फिर उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की।लड़की को लगातार ईमेल भेजकर तस्वीरें देखने के लिए कहा गया। शुरुआत में उसने इन मैसेज को नजरअंदाज किया, लेकिन जब एक ईमेल खोला तो उसके होश उड़ गए। आरोप है कि उसकी तस्वीर को AI की मदद से एडिट करके गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया था।इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो तस्वीरों को Facebook, Instagram और YouTube समेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया जाएगा।
16 साल के लड़के ने इस लड़की की Ai deepfake फोटो बनाई... और blackmail करने लगा 😱
— Sadashiv Yadav (@sadashiv_ydv) September 19, 2026
इस लड़की को को बार-बार email आ रहे - फोटो देखो, picture देखो.. पहले लड़की ने ignore किया, पर जब mail खोला तो होश उड़ गए... किसी ने Ai deepfake फोटो बना दी थी
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी... और… pic.twitter.com/UvSFJPpNRS
16 साल के लड़के ने इस लड़की की Ai deepfake फोटो बनाई... और blackmail करने लगा 😱
— Sadashiv Yadav (@sadashiv_ydv) September 19, 2026
इस लड़की को को बार-बार email आ रहे - फोटो देखो, picture देखो.. पहले लड़की ने ignore किया, पर जब mail खोला तो होश उड़ गए... किसी ने Ai deepfake फोटो बना दी थी
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी... और… pic.twitter.com/UvSFJPpNRS
मामले में सबसे बड़ी गलती उस वक्त हुई जब आरोपी ने कथित तौर पर पैसे मांगने के लिए अपनी UPI ID दे दी। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन से लड़की को आरोपी की पहचान तक पहुंचने में मदद मिली।इसके बाद लड़की ने साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद जब आरोपी को कानूनी कार्रवाई की जानकारी मिली तो कथित तौर पर उसने माफी मांगनी शुरू कर दी।
मामले से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, लड़की ने आरोपी से एक वीडियो में अपनी गलती स्वीकार करने को कहा। उस वीडियो में उसने कथित तौर पर अपना नाम और अन्य जानकारी बताते हुए AI से तस्वीर बनाने और पैसे मांगने की बात स्वीकार की।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि AI तकनीक का गलत इस्तेमाल करके किसी की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ करना और उसके जरिए ब्लैकमेल करना गंभीर मामला हो सकता है। ऐसे मामलों में पीड़ित को पैसे देने या धमकी के दबाव में आने के बजाय सबूत सुरक्षित रखने और आधिकारिक साइबर क्राइम माध्यम से शिकायत करने पर विचार करना चाहिए।