379 रुपए के ऑर्डर पर ठोका 744 का डिलीवरी चार्ज! भड़के यूजर्स बोले- ‘खाना प्लेन से भेजोगे क्या?’
ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने वालों के लिए डिलीवरी चार्ज हमेशा चर्चा का विषय रहता है। कई बार ग्राहक खाने की कीमत से ज्यादा डिलीवरी फीस देखकर हैरान रह जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहां एक ग्राहक को 379 रुपए के खाने के ऑर्डर पर 744 रुपए का डिलीवरी चार्ज दिखा।
इस स्क्रीनशॉट के वायरल होते ही इंटरनेट पर लोगों ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म की जमकर आलोचना शुरू कर दी। यूजर्स ने मजेदार अंदाज में पूछा कि आखिर खाना पहुंचाने के लिए इतनी ज्यादा फीस क्यों ली जा रही है।
खाने से ज्यादा महंगा पड़ा डिलीवरी चार्ज
वायरल पोस्ट में देखा जा सकता है कि ग्राहक ने खाने का ऑर्डर किया, जिसकी कीमत 379 रुपए थी। लेकिन बिल में डिलीवरी चार्ज 744 रुपए जोड़ दिया गया। यानी सिर्फ डिलीवरी शुल्क ही खाने की कीमत से लगभग दोगुना था।
इतना बड़ा डिलीवरी चार्ज देखकर ग्राहक भी हैरान रह गया और उसने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर कर दी।
यूजर्स ने किए मजेदार कमेंट
पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने मजाक करते हुए लिखा, “खाना प्लेन से भेजोगे क्या?” वहीं दूसरे ने कहा कि इतनी डिलीवरी फीस में तो इंसान खुद जाकर खाना ले आए।
कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियां कई बार अतिरिक्त शुल्क के नाम पर ग्राहकों से ज्यादा पैसे वसूल रही हैं।
डिलीवरी चार्ज बढ़ने की वजह
ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म पर डिलीवरी चार्ज कई चीजों पर निर्भर करता है। इनमें ऑर्डर की दूरी, समय, मौसम, डिमांड, रेस्टोरेंट की लोकेशन और डिलीवरी पार्टनर की उपलब्धता शामिल हो सकती है।
कई बार पीक टाइम या ज्यादा दूरी वाले ऑर्डर पर डिलीवरी शुल्क बढ़ जाता है। हालांकि, इतना ज्यादा चार्ज देखकर ग्राहक नाराज हो जाते हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह पहली बार नहीं है जब किसी ऑनलाइन ऑर्डर के बिल को लेकर सोशल मीडिया पर बहस हुई हो। इससे पहले भी महंगे प्लेटफॉर्म फीस, छोटे ऑर्डर पर अतिरिक्त चार्ज और छिपे हुए शुल्क को लेकर ग्राहक शिकायत करते रहे हैं।
फिलहाल 379 रुपए के ऑर्डर पर 744 रुपए डिलीवरी चार्ज वाला यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग कंपनियों से पारदर्शी चार्जिंग सिस्टम की मांग कर रहे हैं।