चीन का ‘स्नेक विलेज’, जहां खेतों में नहीं बल्कि लाखों जहरीले सांपों की होती है ‘खेती’
चीन में एक ऐसा गांव है, जिसकी पहचान गेहूं, चावल या सब्जियों की खेती से नहीं, बल्कि सांपों की ‘खेती’ से होती है। पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत का जिसिकियाओ (Zisiqiao) गांव लंबे समय से ‘स्नेक विलेज’ के नाम से मशहूर है। यहां ग्रामीण खेतों में फसल उगाने के बजाय अलग-अलग प्रजातियों के सांपों का पालन और प्रजनन करते हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, एक समय इस छोटे से गांव में 30 लाख से ज्यादा सांप पाले जाते थे।
इस गांव में सांप पालने की परंपरा करीब चार दशक पुरानी है। 1970 और 1980 के दशक में यहां के लोगों ने सांपों को पालने और उनके उत्पादों का कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे यह काम इतना बड़ा हो गया कि गांव की अर्थव्यवस्था ही सांपों पर निर्भर होने लगी। चीन डेली की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गांव में करीब 800 किसान हर साल 30 लाख से अधिक सांपों का प्रजनन करते थे।
कोबरा से लेकर वाइपर तक पाले जाते हैं
जिसिकियाओ में सांपों की कई प्रजातियों का पालन किया जाता है। इनमें कोबरा, वाइपर, अजगर और अन्य जहरीली तथा गैर-जहरीली प्रजातियां शामिल हैं। यहां सांपों को छोटे-छोटे बक्सों, लकड़ी के पिंजरों और विशेष कमरों में रखा जाता है। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कई घरों में हजारों सांप एक साथ रखे जाते हैं।
सांपों के प्रजनन के लिए तापमान और नमी का विशेष ध्यान रखा जाता है। अंडों से बच्चे निकलने के बाद उनकी देखभाल की जाती है और बड़े होने पर उन्हें अलग-अलग बाजारों में भेजा जाता है।
खाने से लेकर पारंपरिक दवाओं तक इस्तेमाल
यह कारोबार सिर्फ सांप बेचने तक सीमित नहीं है। सांपों का इस्तेमाल चीन में खाद्य पदार्थों और पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े उत्पादों में किया जाता है। सांप की खाल, मांस, पित्त और अन्य हिस्सों से उत्पाद तैयार किए जाते हैं। कुछ सांपों को दवा बनाने वाली कंपनियों को भी बेचा जाता है।
सांपों से जुड़े उत्पादों की मांग ने गांव के लोगों के लिए यह कारोबार काफी फायदे का बना दिया। 2018 की एक रिपोर्ट के अनुसार, उस समय गांव का सांप कारोबार करीब 8 करोड़ युआन सालाना का बताया गया था।
सांपों के बीच गुजरती है रोजमर्रा की जिंदगी
इस गांव की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां सांप सिर्फ खेतों या किसी दूर स्थित फार्म में नहीं होते। कई ग्रामीण अपने घरों में ही उनका पालन करते हैं। कुछ परिवारों के लिए सांपों की देखभाल रोजमर्रा के खेती-किसानी के काम जैसी ही है।
हालांकि जहरीले सांपों के साथ काम करना बेहद जोखिम भरा है। रिपोर्टों में ऐसे ग्रामीणों का भी जिक्र मिलता है जिन्हें सांपों ने कई बार काटा। इसके बावजूद पीढ़ियों से विकसित अनुभव और पालन की तकनीक के कारण स्थानीय लोग इस काम को बड़े पैमाने पर करते हैं।
यही वजह है कि चीन का जिसिकियाओ गांव दुनिया के उन अनोखे स्थानों में शामिल हो गया है, जहां सांप कोई डरावना जीव नहीं बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था का आधार बन चुके हैं।