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ChatGPT की मदद से जीता केस: ब्रिटेन के फायरफाइटर ने महंगे वकीलों की जगह AI से समझी कानूनी प्रक्रिया, वापस मिले 52 लाख रुपये

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल अब सिर्फ तकनीकी कामों तक सीमित नहीं रह गया है। ब्रिटेन के एक फायरफाइटर क्रेग टिटचेनर ने इसका इस्तेमाल कानूनी लड़ाई में किया और अपनी मेहनत से एक बड़ा केस जीत लिया। उन्होंने महंगे वकीलों की मदद लेने के बजाय ChatGPT से कानूनी प्रक्रिया समझी और कोर्ट में खुद अपना पक्ष रखा।

जानकारी के अनुसार, क्रेग टिटचेनर का अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड के साथ पैसों को लेकर विवाद था। उनका दावा था कि उन्हें करीब 52 लाख रुपये वापस मिलने थे। इस रकम को लेकर उन्होंने कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया, लेकिन वकीलों की फीस काफी ज्यादा थी।

इसके बाद क्रेग ने AI चैटबॉट ChatGPT की मदद लेने का फैसला किया। उन्होंने ChatGPT से कानूनी प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेजों और कोर्ट में अपनी बात रखने के तरीके को समझा। AI से मिली जानकारी के आधार पर उन्होंने अपना केस तैयार किया और अदालत में खुद पैरवी की।

क्रेग के मुताबिक, ChatGPT ने उन्हें कानूनी शब्दों को समझने, दस्तावेज तैयार करने और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को व्यवस्थित करने में मदद की। हालांकि, उन्होंने AI को वकील का विकल्प नहीं माना, बल्कि एक सहायक टूल के रूप में इस्तेमाल किया।

कोर्ट में अपनी दलीलें रखने के बाद क्रेग को सफलता मिली और फैसला उनके पक्ष में आया। इसके बाद उन्हें अपनी रकम वापस मिलने का रास्ता साफ हुआ। इस मामले ने यह चर्चा शुरू कर दी है कि आने वाले समय में AI आम लोगों को कानूनी जानकारी हासिल करने में किस तरह मदद कर सकता है।

कानूनी मामलों में बढ़ रहा AI का इस्तेमाल

दुनियाभर में लोग अब AI टूल्स का इस्तेमाल कानूनी दस्तावेज समझने, शोध करने और शुरुआती जानकारी हासिल करने के लिए कर रहे हैं। खासकर ऐसे लोग जिनके पास महंगे कानूनी सलाहकार रखने का विकल्प नहीं होता, उनके लिए AI एक उपयोगी माध्यम बन सकता है।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि AI से मिली जानकारी को अंतिम कानूनी सलाह नहीं माना जा सकता। कानून से जुड़े मामलों में सही जानकारी और निर्णय के लिए विशेषज्ञ वकील की सलाह जरूरी होती है, क्योंकि हर मामले की परिस्थितियां अलग होती हैं।

क्रेग टिटचेनर का मामला इस बात का उदाहरण है कि सही तरीके से इस्तेमाल करने पर AI लोगों को जानकारी और तैयारी में मदद कर सकता है। लेकिन कानूनी प्रक्रिया में सावधानी बरतना और तथ्यों की जांच करना बेहद जरूरी है।

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और टेक जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे इस बात के उदाहरण के रूप में देख रहे हैं कि AI किस तरह आम लोगों को जटिल प्रक्रियाओं को समझने में सक्षम बना सकता है।