'क्या मिट्टी आग बुझा सकती है?' भारतीय पेट्रोल पंप पर फायर सेफ्टी देख दंग रह गया अमेरिकी व्यक्ति; Video
भारत में पेट्रोल पंप पर आग से बचाव के लिए अपनाए जाने वाले एक पुराने लेकिन बेहद सरल तरीके ने एक अमेरिकी व्यक्ति को हैरान कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अमेरिकी शख्स एक भारतीय पेट्रोल पंप पर मौजूद मिट्टी और बालू से आग बुझाने की व्यवस्था देखकर सवाल करता नजर आता है। उसे यह तरीका इतना अनोखा लगा कि उसने इसका वीडियो बना लिया। अब सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को खूब शेयर कर रहे हैं।
पेट्रोल पंप पर मिट्टी देखकर चौंका अमेरिकी
वायरल वीडियो में अमेरिकी व्यक्ति पेट्रोल पंप पर मौजूद फायर सेफ्टी व्यवस्था को दिखाता है। वहां आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्रों के साथ मिट्टी या बालू से भरे कंटेनर भी रखे हुए नजर आते हैं। अमेरिकी व्यक्ति हैरानी से सवाल करता है कि ‘क्या मिट्टी आग बुझा सकती है?’
उसके लिए यह व्यवस्था काफी अलग थी। भारत में पेट्रोल पंपों पर ज्वलनशील ईंधन के कारण आग लगने की स्थिति में तत्काल इस्तेमाल के लिए बालू या मिट्टी रखने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
कैसे काम करती है मिट्टी और बालू?
दरअसल, छोटी आग पर बालू या मिट्टी डालने से आग को मिलने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति कम या बंद हो सकती है। ऑक्सीजन की कमी के कारण आग की लपटें बुझने लगती हैं। यही वजह है कि पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थानों पर आपात स्थिति के लिए बालू की व्यवस्था रखी जाती है।
हालांकि पेट्रोल या डीजल की बड़ी आग को केवल मिट्टी या बालू के भरोसे बुझाना सुरक्षित तरीका नहीं है। ऐसी स्थिति में उचित अग्निशमन उपकरण और प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद जरूरी होती है।
वीडियो पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन
अमेरिकी व्यक्ति का हैरान होना सोशल मीडिया यूजर्स को खूब पसंद आ रहा है। कई लोगों ने कहा कि भारत में कई जगहों पर बेहद साधारण चीजों का इस्तेमाल मुश्किल परिस्थितियों में किया जाता है।
एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, ‘इंडिया में जुगाड़ भी साइंस के साथ चलता है।’ वहीं कुछ लोगों ने बताया कि बालू से आग बुझाने का सिद्धांत केवल भारत तक सीमित नहीं है और दुनिया के कई हिस्सों में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
वीडियो ने एक बार फिर दिखाया कि फायर सेफ्टी में कभी-कभी बेहद साधारण संसाधन भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। हालांकि पेट्रोल पंप पर आग लगने की स्थिति में खुद जोखिम लेकर आग बुझाने की कोशिश करने के बजाय तुरंत कर्मचारियों और फायर सर्विस को सूचना देना सबसे सुरक्षित कदम है।