500 करोड़ की संपत्ति, फिर भी 10 हजार की नकली घड़ी पहनता है बिजनेसमैन; 25 लाख की रोलेक्स को बताया बेकार खर्च
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक करोड़पति बिजनेसमैन की सोच चर्चा का विषय बनी हुई है। दावा किया जा रहा है कि करीब 500 करोड़ रुपये की संपत्ति रखने वाले इस कारोबारी ने 25 लाख रुपये की महंगी रोलेक्स घड़ी खरीदने के बजाय सिर्फ 10 हजार रुपये की नकली घड़ी पहनना पसंद किया। जब लोगों ने उनसे इसकी वजह पूछी तो उनका जवाब काफी हैरान करने वाला था।
आमतौर पर लग्जरी लाइफस्टाइल और महंगी चीजों के लिए मशहूर अमीर लोग महंगी कारों, डिजाइनर कपड़ों और लग्जरी घड़ियों पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। खासकर रोलेक्स जैसी ब्रांडेड घड़ियां दुनिया भर में स्टेटस सिंबल मानी जाती हैं। लेकिन इस बिजनेसमैन का नजरिया इससे बिल्कुल अलग बताया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल दावे के मुताबिक, कारोबारी का कहना है कि घड़ी का मुख्य काम समय बताना है, न कि लोगों को अपनी आर्थिक स्थिति दिखाना। उनके अनुसार, अगर एक सस्ती घड़ी वही काम कर सकती है जो लाखों रुपये की घड़ी करती है, तो केवल दिखावे के लिए इतना पैसा खर्च करना समझदारी नहीं है।
बिजनेसमैन ने कथित तौर पर कहा कि वह अपनी संपत्ति को ऐसी चीजों पर खर्च करने के बजाय उन जगहों पर लगाना पसंद करते हैं, जहां उसका बेहतर इस्तेमाल हो सके। उनका मानना है कि पैसे की असली कीमत उसे बचाने और सही जगह इस्तेमाल करने में है, न कि केवल महंगी चीजें खरीदकर लोगों को प्रभावित करने में।
उनकी इस सोच पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने उनकी सादगी और सोच की तारीफ की। यूजर्स का कहना है कि असली अमीरी महंगी चीजें दिखाने में नहीं, बल्कि अपनी जरूरतों और इच्छाओं के बीच संतुलन बनाने में है।
वहीं, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति करोड़ों की संपत्ति रखता है और अपनी पसंद से महंगी चीजें खरीदना चाहता है, तो इसमें भी कोई गलत बात नहीं है। हर व्यक्ति के लिए पैसे खर्च करने की प्राथमिकताएं अलग-अलग हो सकती हैं।
यह मामला एक बार फिर इस बहस को सामने लाता है कि अमीर होने का मतलब हमेशा महंगी चीजों का इस्तेमाल करना नहीं होता। कई सफल कारोबारी और निवेशक भी अपनी सादगी भरी जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं और उनका मानना होता है कि पैसा दिखावे के बजाय लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल इस कहानी और बिजनेसमैन के बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे वायरल किस्सों में अक्सर प्रेरणादायक संदेश के साथ कई दावे साझा किए जाते हैं, इसलिए उनकी वास्तविकता की जांच करना जरूरी होता है।
फिर भी, इस कहानी ने लोगों को एक बार सोचने पर मजबूर कर दिया है कि असली संपन्नता महंगी चीजों के मालिक होने में है या फिर अपनी जरूरतों और मूल्यों के अनुसार जीवन जीने में।