हापुड़ में सुहागरात पर दुल्हन ने दिया चौंकाने वाला बयान: पति को धमकी देकर प्रेमी के साथ जाने की जताई इच्छा, थाने में हुआ समझौता
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में शादी के कुछ ही दिनों बाद एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। 25 जून 2026 को हुई शादी के बाद सुहागरात के दिन दुल्हन ने दूल्हे को अपने पास आने से रोक दिया और कथित तौर पर उसे हाथ लगाने पर हत्या की धमकी तक दे दी। दुल्हन ने खुद को किसी और की अमानत बताते हुए अपने प्रेम संबंध की बात कही।
जानकारी के अनुसार, मामला हापुड़ जिले का है। यहां एक युवक की शादी 25 जून को धूमधाम से हुई थी। शादी के बाद जब दूल्हा और दुल्हन अपने नए जीवन की शुरुआत के लिए साथ आए तो दुल्हन के व्यवहार से युवक हैरान रह गया। आरोप है कि दुल्हन ने पति को स्पष्ट रूप से कहा कि वह उसे हाथ न लगाए और वह किसी और से प्रेम करती है।
बताया जा रहा है कि दुल्हन ने पति को धमकी देते हुए कहा कि यदि उसने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की तो वह गंभीर कदम उठा सकती है। इस घटना के बाद पति और उसके परिवार के लोग सकते में आ गए। उन्होंने मामले की जानकारी दुल्हन के मायके पक्ष को दी और समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया।
आरोप है कि दुल्हन के परिजनों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद पति ने स्थिति को देखते हुए 28 जून को दुल्हन के कथित प्रेमी को बुलाया और उसे उसके साथ भेज दिया। पति ने विवाद को बढ़ाने के बजाय आपसी सहमति से मामले को खत्म करने का फैसला किया।
हालांकि, भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए युवक और उसके पिता ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और सुरक्षा की मांग की।
महिला थाना प्रभारी अरुणा राय के अनुसार, मामला पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शांतिपूर्वक सुलझा लिया गया है। दोनों पक्षों से बातचीत की गई और आपसी सहमति के आधार पर विवाद का समाधान कराया गया। पुलिस ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है।
इस घटना की चर्चा क्षेत्र में काफी हो रही है। शादी जैसे रिश्ते में सामने आए इस अप्रत्याशित मोड़ ने लोगों को हैरान कर दिया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की सहमति और आपसी समझ के बाद मामले को समाप्त करा दिया गया है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, विवाह जैसे मामलों में दोनों पक्षों की इच्छा और सहमति महत्वपूर्ण होती है। ऐसे विवादों में जल्दबाजी के बजाय बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के जरिए समाधान निकालना बेहतर विकल्प माना जाता है। फिलहाल हापुड़ का यह मामला पुलिस रिकॉर्ड में समझौते के साथ समाप्त हो गया है।