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ब्रायन जॉनसन का ‘बेबी क्लोन’ दावा वायरल, जानें अमर होने के जुनून और हकीकत के बीच क्या है पूरा मामला

 

अमेरिका के टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन एक बार फिर अपने अजीबोगरीब दावों को लेकर सुर्खियों में हैं। उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने और जवां बने रहने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने वाले ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर दावा किया है कि उन्होंने लैब में अपना खुद का एक ‘बेबी क्लोन’ तैयार कर लिया है। उनके इस दावे ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है।

ब्रायन जॉनसन ने बताया कि यह कथित क्लोन ‘बेबी-ब्रायन’ के नाम से एक पेट्री डिश में विकसित हो रहा है। उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए लोगों का ध्यान इस ओर खींचा, जिसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस दावे को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं।

हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो इंसानों का इस तरह लैब में क्लोन बनाना अभी वास्तविकता नहीं है। वर्तमान विज्ञान में मानव क्लोनिंग को लेकर कई तकनीकी, नैतिक और कानूनी चुनौतियां मौजूद हैं। अब तक किसी भी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित मामले में किसी इंसान का सफल क्लोन तैयार नहीं किया गया है।

कौन हैं ब्रायन जॉनसन?

ब्रायन जॉनसन अमेरिका के टेक उद्यमी हैं और ऑनलाइन पेमेंट कंपनी Braintree के संस्थापक रहे हैं। वह अपनी एंटी-एजिंग लाइफस्टाइल और ‘युवा बने रहने’ के मिशन के लिए दुनिया भर में चर्चा में रहते हैं।

उनका चर्चित प्रोजेक्ट Project Blueprint है, जिसमें वे अपनी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए सख्त डाइट, एक्सरसाइज, मेडिकल टेस्ट और कई तरह के प्रयोग करते हैं।

क्या इंसान का क्लोन बनाना संभव है?

वैज्ञानिकों ने जानवरों की क्लोनिंग में सफलता हासिल की है। 1996 में भेड़ ‘डॉली’ की क्लोनिंग दुनिया भर में चर्चा में रही थी। लेकिन इंसान की क्लोनिंग बेहद जटिल और विवादास्पद विषय है।

मानव क्लोनिंग के लिए केवल तकनीकी क्षमता ही नहीं, बल्कि कई नैतिक सवाल भी जुड़े हैं। वैज्ञानिक समुदाय में इसे लेकर लंबे समय से बहस चल रही है कि क्या किसी इंसान की आनुवंशिक कॉपी बनाना उचित होगा।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल

ब्रायन जॉनसन के इस दावे के बाद कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि क्या यह वास्तव में कोई वैज्ञानिक प्रयोग है या फिर मजाक, व्यंग्य अथवा सोशल मीडिया स्टंट। कुछ लोगों ने इसे उनकी भविष्यवादी सोच का हिस्सा बताया, जबकि कई लोगों ने इसे अवैज्ञानिक दावा बताया।

फिलहाल ब्रायन जॉनसन के ‘बेबी क्लोन’ दावे की कोई स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े वैज्ञानिक दावे को प्रमाण और शोध के आधार पर ही स्वीकार किया जाना चाहिए।

ब्रायन जॉनसन पहले भी उम्र को मात देने वाले अपने प्रयोगों को लेकर चर्चा में रहे हैं। लेकिन इस बार उनका क्लोन वाला दावा विज्ञान और कल्पना के बीच की बहस को फिर से सामने ले आया है।