अमर होने की चाह में अरबपति ब्रायन जॉनसन का ‘बेबी क्लोन’ दावा! जानिए क्या है इस वायरल खबर की सच्चाई
इंसान हमेशा से लंबी उम्र और जवां बने रहने का सपना देखता आया है। विज्ञान की तरक्की के साथ अब उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने पर भी कई शोध हो रहे हैं। इसी बीच दुनिया के अरबपतियों में शामिल ब्रायन जॉनसन को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि उन्होंने अपनी लैब में अपना ‘बेबी क्लोन’ तैयार कर लिया है।
हालांकि, इस दावे को लेकर कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है। आइए जानते हैं कि इस वायरल कहानी के पीछे की असलियत क्या है।
कौन हैं ब्रायन जॉनसन?
ब्रायन जॉनसन एक अमेरिकी टेक उद्यमी हैं, जो अपनी उम्र कम करने और शरीर को ज्यादा स्वस्थ रखने के लिए किए जा रहे प्रयोगों के कारण चर्चा में रहते हैं।
वह अपने ‘Blueprint’ प्रोजेक्ट के लिए जाने जाते हैं, जिसमें वह खान-पान, एक्सरसाइज, नींद, मेडिकल टेस्ट और आधुनिक तकनीक की मदद से अपनी जैविक उम्र को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं।
क्या सच में बनाया गया ‘बेबी क्लोन’?
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ब्रायन जॉनसन ने अपनी जवानी वापस पाने या अमर होने के लिए खुद का क्लोन तैयार कर लिया है।
लेकिन अभी तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि उन्होंने अपना कोई मानव क्लोन बनाया है या किसी लैब में उनका ‘बेबी क्लोन’ तैयार किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान विज्ञान में किसी वयस्क इंसान का पूरी तरह कार्यशील मानव क्लोन बनाना बेहद जटिल और विवादास्पद प्रक्रिया है।
क्लोनिंग कैसे काम करती है?
क्लोनिंग एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें किसी जीव की आनुवंशिक जानकारी की कॉपी तैयार की जाती है। जानवरों में क्लोनिंग के उदाहरण मौजूद हैं, लेकिन इंसानों की क्लोनिंग को लेकर वैज्ञानिक, नैतिक और कानूनी कई बड़ी चुनौतियां हैं।
मानव क्लोनिंग को लेकर दुनिया के कई देशों में सख्त नियम और प्रतिबंध मौजूद हैं।
ब्रायन जॉनसन क्यों रहते हैं चर्चा में?
ब्रायन जॉनसन का लक्ष्य खुद को ज्यादा समय तक स्वस्थ और युवा बनाए रखना है। वह अपने शरीर पर कई तरह के प्रयोग करते हैं और नियमित रूप से स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों की निगरानी कराते हैं।
उनकी जीवनशैली में सख्त डाइट, रोजाना एक्सरसाइज, बेहतर नींद और कई मेडिकल जांच शामिल हैं। इसी वजह से वह अक्सर सोशल मीडिया और मीडिया में चर्चा का विषय बने रहते हैं।
अमरता की खोज या विज्ञान की सीमा?
इंसान को हमेशा से अमरता का आकर्षण रहा है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को पूरी तरह रोक देना अभी संभव नहीं है।
वर्तमान शोध का फोकस उम्र बढ़ने से जुड़ी बीमारियों को कम करना और स्वस्थ जीवनकाल बढ़ाना है, न कि इंसान को अमर बनाना।
वायरल दावों से सावधान रहने की जरूरत
सोशल मीडिया पर विज्ञान और तकनीक से जुड़े कई दावे तेजी से फैलते हैं, लेकिन हर दावा सच नहीं होता। ब्रायन जॉनसन के ‘बेबी क्लोन’ वाली बात भी फिलहाल एक अपुष्ट दावा है, जिसका कोई विश्वसनीय वैज्ञानिक आधार सामने नहीं आया है।
हालांकि, उनका उम्र कम करने वाला प्रयोग और आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों में उनकी दिलचस्पी जरूर दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है।