'भाई गिरी कूल नहीं है', थार-फॉर्च्यूनर मालिकों को लाइन में लगाकर दमन कलेक्टर ने दिलाई सेफ ड्राइविंग की शपथ
दमदार गाड़ियों का शौक रखने वालों के बीच Mahindra Thar और Toyota Fortuner जैसी SUV का अलग ही क्रेज है। युवाओं में इन गाड़ियों को स्टाइल, पावर और रुतबे से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन अब दमन कलेक्टर ने SUV मालिकों को एक अलग संदेश दिया है—गाड़ी बड़ी हो सकती है, लेकिन सड़क पर जिम्मेदारी उससे भी बड़ी होनी चाहिए।
दमन में कलेक्टर ने Thar और Fortuner जैसे बड़े वाहनों के मालिकों को एक साथ खड़ा कर उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग की शपथ दिलाई। इस पहल का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
'भाई गिरी कूल नहीं है' का दिया संदेश
कलेक्टर की इस पहल का सबसे ज्यादा चर्चा वाला हिस्सा उनका संदेश है—'भाई गिरी कूल नहीं है'। इसका मकसद उन लोगों को संदेश देना है, जो बड़ी गाड़ी होने के कारण सड़क पर दबदबा दिखाने, तेज रफ्तार या नियमों की अनदेखी को स्टाइल समझते हैं।
प्रशासन का संदेश साफ है कि सड़क पर असली पहचान गाड़ी की कीमत या आकार से नहीं, बल्कि चालक के व्यवहार और जिम्मेदारी से होती है।
SUV मालिकों को दिलाई गई शपथ
इस अभियान के दौरान SUV मालिकों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने, सुरक्षित गति से वाहन चलाने, सड़क पर दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखने और लापरवाही से बचने की अपील की गई।
कलेक्टर की इस पहल का उद्देश्य सिर्फ नियम बताना नहीं, बल्कि वाहन चालकों में जिम्मेदारी की भावना पैदा करना था। खासतौर पर बड़ी SUV चलाने वालों को यह याद दिलाया गया कि पावरफुल वाहन चलाने के साथ अतिरिक्त सावधानी भी जरूरी है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ
वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दमन प्रशासन की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर ऐसे रचनात्मक अभियान लोगों पर ज्यादा प्रभाव डालते हैं।
कुछ यूजर्स ने लिखा कि महंगी कार रखना गलत नहीं है, लेकिन उसका इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना जरूरी है। वहीं कई लोगों ने कहा कि सड़क पर रौब दिखाने के बजाय सुरक्षित ड्राइविंग ही असली स्टाइल है।
बड़ी गाड़ी, बड़ी जिम्मेदारी
Thar और Fortuner जैसी SUV अपनी मजबूती और क्षमता के लिए जानी जाती हैं। इनका इस्तेमाल अक्सर ऑफ-रोडिंग और लंबी यात्राओं के लिए भी किया जाता है। लेकिन शहरों की सड़कों पर इन वाहनों को चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।
तेज रफ्तार, गलत तरीके से ओवरटेक करना या सड़क पर दूसरों को परेशान करना दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। ऐसे में प्रशासन की यह पहल वाहन चालकों को जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की याद दिलाती है।
हालांकि, वायरल वीडियो से जुड़ी पूरी जानकारी और अभियान के सभी विवरणों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। लेकिन इस पहल का संदेश स्पष्ट है—गाड़ी चाहे कितनी भी बड़ी हो, सड़क पर सबसे बड़ा नियम इंसानियत और जिम्मेदारी है।
दमन कलेक्टर का यह अंदाज लोगों को यही समझाने की कोशिश कर रहा है कि 'कूल' वह नहीं जो सड़क पर दबदबा दिखाए, बल्कि वह है जो सुरक्षित तरीके से घर पहुंचे और दूसरों को भी सुरक्षित रखे।