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ऑस्ट्रेलियाई Youtuber ने बनाया ऐसा विश्व रिकॉर्ड, तोड़ने से पहले सौ बार सोचेंगे लोग!

 

ऑस्ट्रेलिया से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी है। एक YouTuber ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसे सुनकर कोई भी दंग रह जाएगा। नाम है Norme, जो अपने असंभव और एक्सट्रीम स्टंट्स के लिए पहले से ही फेमस हैं। इस बार उन्होंने जो किया, वह न केवल मानसिक और शारीरिक सहनशीलता की पराकाष्ठा है, बल्कि सोशल एक्सपेरिमेंट और लाइवस्ट्रीमिंग की दुनिया में भी एक नया अध्याय जोड़ता है।

38 घंटे तक एक ही जगह पर स्थिर खड़ा रहा YouTuber

नॉर्मे ने अपने यूट्यूब चैनल पर लाइवस्ट्रीम करते हुए 38 घंटे तक एक ही जगह पर बिना हिले-डुले खड़े रहकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का दावा किया है। उनका यह कारनामा न सिर्फ शारीरिक रूप से बेहद थकाऊ था, बल्कि मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण था। खास बात यह है कि इस दौरान राहगीरों ने उन्हें खूब परेशान किया, यहां तक कि किसी ने पुलिस तक बुला ली।

वायरल हुआ टाइम लैप्स वीडियो

नॉर्म के इस साहसिक प्रयोग का एक 1 मिनट 11 सेकंड का टाइम-लैप्स वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नॉर्मे को एक ही जगह पर घंटों तक खड़े हुए दिखाया गया है। राहगीर उनके आसपास से गुजरते हैं, कुछ रुकते हैं, बात करते हैं और कुछ तो हद ही पार कर देते हैं। कोई उनके चेहरे पर अंडा फोड़ रहा है, कोई उनकी जैकेट पर स्प्रे पेंट कर रहा है, और एक व्यक्ति तो सरसों का पेस्ट लगाकर चला गया।

पुलिस को बुला लिया गया

इतने लंबे समय तक खड़े रहने और राहगीरों की हरकतों के कारण कुछ लोगों ने पुलिस को भी बुला लिया। हालांकि, जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्हें पता चला कि यह एक लाइवस्ट्रीम स्टंट है और नॉर्मे खुद अपनी मर्जी से ऐसा कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप नहीं किया, लेकिन उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि कोई गंभीर स्थिति न बने।

क्या यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बना?

नॉर्मे का दावा है कि उन्होंने 38 घंटे तक स्थिर खड़े रहकर वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को इस उपलब्धि के सबूत भेजे हैं या नहीं। worldrecords.org के अनुसार, इससे पहले का रिकॉर्ड इससे कम समय का था। ऐसे में यदि नॉर्म का दावा सही साबित होता है, तो यह एक नया आधिकारिक रिकॉर्ड बन सकता है।

पहले भी कर चुके हैं हैरतअंगेज स्टंट्स

यह पहली बार नहीं है जब नॉर्म ने अपनी हदें पार कर दी हों। अगस्त 2024 में उन्होंने सबसे लंबे समय तक जागने का रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश की थी। उन्होंने दावा किया था कि वे 264 घंटे तक बिना सोए जगे रहे, लेकिन यूट्यूब ने उनकी स्ट्रीम बंद कर दी क्योंकि दर्शकों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी। तब उन्होंने बैकअप के तौर पर एक अन्य साइट पर स्ट्रीमिंग की थी।

तीखी मिर्च और करोड़पति भिखारी जैसे अजीब प्रयोग

नॉर्म का चैनल ऐसे अजीबोगरीब और चौंकाने वाले प्रयोगों के लिए जाना जाता है। एक वीडियो में वह दुनिया की सबसे तीखी 166 मिर्चें खाते हुए नजर आए थे, जबकि दूसरे में उन्होंने खुद को भिखारी बना लिया था और लोगों से चंदा लेकर करोड़पति बनने की कोशिश की थी। इन सारे प्रयोगों को वह लाइवस्ट्रीम के जरिए दर्शकों के सामने लाते हैं, जिससे उनका चैनल एक अलग किस्म के कंटेंट के लिए जाना जाता है।

मानसिक और शारीरिक सहनशीलता की परीक्षा

38 घंटे तक एक ही जगह पर खड़े रहना कोई आसान काम नहीं है। यह न केवल शारीरिक रूप से तकलीफदेह है, बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद थकाऊ हो सकता है। शरीर में सूजन, ब्लड सर्कुलेशन की समस्या, थकान और दर्द जैसी दिक्कतें आना तय है। बावजूद इसके, नॉर्मे ने बिना डगमगाए इस पूरे स्टंट को पूरा किया।

सोशल मीडिया पर लोग कर रहे हैं तारीफ और आलोचना दोनों

इस कारनामे के बाद सोशल मीडिया पर नॉर्मे की जमकर चर्चा हो रही है। कुछ लोग उन्हें ‘mentally strongest man on the internet’ कह रहे हैं, तो कुछ इस स्टंट को बेवजह का खतरा बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ये इंसान हद से ज्यादा पागल है… लेकिन कमाल कर गया।” वहीं, दूसरे ने कहा, “इससे अच्छा होता कि वो यह ऊर्जा किसी पॉजिटिव काम में लगाते।”

क्या सीख मिलती है इससे?

  • नई मीडिया का प्रभाव: यह घटना बताती है कि सोशल मीडिया पर ध्यान खींचने के लिए लोग किस हद तक जा सकते हैं।

  • स्वास्थ्य और सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए: ऐसे स्टंट्स देखने में आकर्षक हो सकते हैं, लेकिन इनमें शामिल जोखिम बहुत गंभीर हो सकते हैं।

  • ऑनलाइन कंटेंट की विविधता: नॉर्मे जैसे यूट्यूबर्स यह भी दिखाते हैं कि कंटेंट केवल ज्ञान या मनोरंजन तक सीमित नहीं, बल्कि अनुभव आधारित भी हो सकता है।

निष्कर्ष:
ऑस्ट्रेलियाई यूट्यूबर नॉर्मे का 38 घंटे तक एक ही जगह पर खड़ा रहना एक हैरतअंगेज उपलब्धि है। यह रिकॉर्ड भले ही अभी आधिकारिक रूप से मान्यता न पाया हो, लेकिन इससे यह जरूर साबित होता है कि इंसान की इच्छा शक्ति और सोशल मीडिया पर पहचान बनाने की भूख किसी भी हद तक जा सकती है। सवाल यह नहीं है कि क्या नॉर्म रिकॉर्ड बना पाएंगे, बल्कि यह है कि अगला स्टंट क्या होगा — और क्या वह खुद को नुकसान पहुंचाए बिना इसे पूरा कर पाएंगे?