90 की उम्र में लोहे जैसा बदन, न मीट खाते हैं और न मछली... जापानी बुजुर्ग की शाकाहारी डाइट देख पूरी दुनिया हैरान
उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कमजोरी आना आम बात मानी जाती है, लेकिन जापान के एक बुजुर्ग की फिटनेस देखकर लोग हैरान हैं। 90 साल की उम्र में भी उनका शरीर काफी मजबूत और सक्रिय नजर आता है। खास बात यह है कि उनकी डाइट में मीट और मछली जैसी चीजें शामिल नहीं हैं। वह लंबे समय से मुख्य रूप से शाकाहारी भोजन को अपनी डाइट का हिस्सा बनाए हुए हैं। उनकी जीवनशैली और खान-पान का किस्सा सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है।
जापान को दुनिया के उन देशों में गिना जाता है जहां लोग लंबी उम्र तक स्वस्थ रहने के लिए जाने जाते हैं। वहां की पारंपरिक डाइट में सब्जियां, फलियां, सोया से बने खाद्य पदार्थ, साबुत अनाज और अन्य प्राकृतिक चीजों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही वजह है कि जापानी लोगों की खान-पान की आदतों पर दुनियाभर में रिसर्च भी होती रही है।
प्लेट में क्या शामिल होता है?
इस बुजुर्ग की डाइट की सबसे खास बात इसका सादा और प्राकृतिक होना बताया जाता है। वह खाने में अत्यधिक प्रोसेस्ड या जंक फूड की जगह प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देते हैं। उनकी डाइट में अलग-अलग तरह की सब्जियां, फलियां और सोया आधारित खाद्य पदार्थ शामिल रहते हैं।
सोया से बने टोफू और अन्य खाद्य पदार्थ जापानी भोजन का अहम हिस्सा हैं। इनमें प्रोटीन पाया जाता है, इसलिए मांस और मछली न खाने वाले लोगों के लिए ये प्रोटीन का एक विकल्प हो सकते हैं। इसके अलावा सब्जियों और साबुत अनाज से फाइबर, विटामिन और कई अन्य पोषक तत्व मिलते हैं।
सिर्फ डाइट नहीं, पूरी लाइफस्टाइल अहम
हालांकि किसी व्यक्ति की फिटनेस या लंबी उम्र का पूरा श्रेय सिर्फ एक खास डाइट को देना सही नहीं होगा। उम्र बढ़ने के साथ शरीर को सक्रिय रखना, पर्याप्त नींद लेना, तनाव को नियंत्रित करना और नियमित शारीरिक गतिविधि भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
जापान की पारंपरिक जीवनशैली में रोजमर्रा के कामों में शारीरिक सक्रियता को काफी महत्व दिया जाता है। पैदल चलना, हल्की एक्सरसाइज और दिनभर सक्रिय रहना बुजुर्गों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
क्या शाकाहारी डाइट से मिल सकती है लंबी उम्र?
शाकाहारी भोजन में कई जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिल सकते हैं, लेकिन संतुलित डाइट लेना बेहद जरूरी है। केवल सब्जियां खाने से शरीर की सभी पोषण संबंधी जरूरतें पूरी हों, यह जरूरी नहीं है। प्रोटीन, आयरन, विटामिन बी12, कैल्शियम, ओमेगा-3 और अन्य पोषक तत्वों का पर्याप्त सेवन भी जरूरी है।
यही वजह है कि किसी बुजुर्ग की डाइट देखकर उसे सीधे सभी लोगों के लिए आदर्श नहीं माना जा सकता। हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, शारीरिक गतिविधि और पोषण संबंधी जरूरत अलग होती है।
90 साल की उम्र में भी सक्रिय और मजबूत नजर आने वाले इस जापानी बुजुर्ग की कहानी ने एक बार फिर खान-पान और जीवनशैली को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। उनकी सादगी भरी डाइट से यह जरूर संकेत मिलता है कि उम्र बढ़ने के साथ संतुलित भोजन और सक्रिय जीवनशैली को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।