×

प्रमोशन सुनते ही लोग कहते हैं हां, इस महिला ने 3 बार ठुकराया ऑफर; वजह जान आप भी कहेंगे- बात तो सही है!
 

 

आमतौर पर नौकरी में प्रमोशन मिलना किसी भी कर्मचारी के लिए खुशी की बात होती है। ज्यादा जिम्मेदारी के साथ पद और सैलरी बढ़ने की उम्मीद रहती है। लेकिन सोशल मीडिया पर एक महिला की कहानी चर्चा में है, जिसने प्रमोशन का ऑफर एक-दो नहीं बल्कि तीन बार ठुकरा दिया। जब इसके पीछे की वजह सामने आई तो लोग भी सोचने पर मजबूर हो गए।

महिला ने बताया कि कंपनी की ओर से उसे आगे बढ़ने और ज्यादा जिम्मेदारी संभालने का मौका दिया गया था। लेकिन उसने हर बार प्रमोशन स्वीकार करने के बजाय अपनी मौजूदा भूमिका में बने रहना पसंद किया। आम तौर पर जहां कर्मचारी प्रमोशन के लिए इंतजार करते हैं, वहीं उसका यह फैसला लोगों को हैरान करने वाला लगा।

महिला के मुताबिक, प्रमोशन के साथ सिर्फ सैलरी और पद नहीं बढ़ता, बल्कि जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। मैनेजर या वरिष्ठ पद पर पहुंचने के बाद काम के घंटे बढ़ सकते हैं, मीटिंग्स ज्यादा हो सकती हैं और टीम की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ सकती है। ऐसे में ज्यादा कमाई के बदले निजी समय और मानसिक सुकून प्रभावित होने की आशंका रहती है।

यही वजह है कि महिला ने प्रमोशन के बजाय अपनी मौजूदा नौकरी और जीवन के बीच संतुलन को प्राथमिकता दी। उसके लिए ज्यादा पैसा कमाने से ज्यादा जरूरी यह था कि उसे अपने परिवार, निजी जिंदगी और दूसरी पसंदीदा गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

महिला का कहना है कि करियर में आगे बढ़ना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है। कुछ लोगों के लिए लगातार पदोन्नति और बड़ी सैलरी महत्वपूर्ण हो सकती है, जबकि कुछ लोग सीमित जिम्मेदारियों के साथ स्थिर नौकरी और बेहतर निजी जीवन को प्राथमिकता देते हैं। उनके मुताबिक, प्रमोशन स्वीकार करना या ठुकराना व्यक्तिगत परिस्थितियों और लक्ष्यों पर निर्भर करता है।

महिला की कहानी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग भी अपनी राय साझा कर रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि करियर में सफलता का मतलब केवल बड़ा पद या ज्यादा पैसा नहीं होना चाहिए। वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि अगर किसी कर्मचारी को लगता है कि प्रमोशन उसकी दिनचर्या और निजी जिंदगी को प्रभावित करेगा तो उसे अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार फैसला लेने का अधिकार है।

हालांकि, महिला की पहचान और उसके रोजगार से जुड़ी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर साझा की गई कहानी के सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि भी नहीं हुई है। इसलिए इसे व्यक्तिगत अनुभव के तौर पर देखना उचित होगा।

इस कहानी ने एक बार फिर काम और निजी जिंदगी के संतुलन पर चर्चा शुरू कर दी है। हर कर्मचारी के लिए करियर की सफलता का मतलब अलग हो सकता है और किसी भी नौकरी में आगे बढ़ने का फैसला व्यक्ति की अपनी परिस्थितियों और प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है।