कुत्ते का बना आधार कार्ड! सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ‘टॉमी जैसवाल’ का कार्ड, जांच में निकला फर्जी
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अजीबोगरीब मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में एक कुत्ते के नाम से बना कथित आधार कार्ड वायरल हो गया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। कार्ड में कुत्ते का फोटो, नाम, जन्मतिथि और पता तक दर्ज दिखाई दे रहा था। हालांकि, जांच के बाद प्रशासन ने इसे फर्जी बताया है।
वायरल कार्ड में कुत्ते का नाम ‘टॉमी जैसवाल’ लिखा हुआ था। इसमें पिता के नाम की जगह उसके पालक कैलाश जैसवाल का नाम दर्ज था। साथ ही जन्मतिथि और पता भी दिया गया था। इस कार्ड के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया।
कुत्ते के आधार कार्ड ने मचाई चर्चा
वायरल तस्वीर में आधार कार्ड की तरह डिजाइन किया गया दस्तावेज नजर आ रहा था, जिसमें कुत्ते की फोटो लगी थी। कार्ड पर आधार नंबर भी लिखा हुआ था, जिससे कई लोगों को लगा कि शायद वास्तव में किसी कुत्ते का आधार कार्ड बना दिया गया है।मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसकी जांच शुरू की। ग्वालियर प्रशासन ने साफ किया कि आधार पोर्टल पर इस नाम से कोई वास्तविक आधार कार्ड मौजूद नहीं है।
जांच में सामने आई फर्जीवाड़े की बात
जांच में पता चला कि वायरल आधार कार्ड असली नहीं है। इसमें इस्तेमाल किया गया आधार नंबर भी वैध नहीं पाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्ड को एडिट कर तैयार किया गया था और इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।अधिकारियों ने बताया कि आधार कार्ड केवल भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए जारी किया जाता है। किसी जानवर के नाम पर आधार कार्ड जारी करने का कोई प्रावधान नहीं है।
टॉमी की कहानी भी आई सामने
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि टॉमी नाम का एक पालतू कुत्ता वास्तव में उस परिवार के पास था। वायरल कार्ड में जिस व्यक्ति का नाम लिखा था, वह उस कुत्ते का मालिक था। हालांकि, कार्ड बनाने और वायरल करने के पीछे किसका हाथ है, इसकी जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने लिए मजे
कुत्ते के आधार कार्ड की तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने कई मजेदार कमेंट किए। कुछ लोगों ने इसे रचनात्मक मजाक बताया, तो कुछ ने फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर चिंता जताई।यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी को सच मानने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।