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15 साल पहले से पंजाब से जापान गया शख्स, भारत के 30 खड़े मसालों से बनाता है खाना; उंगलियां चाट लेते हैं जापानी

 

भारत के मसालों और खाने की खुशबू दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंच चुकी है। जापान में रहने वाले पंजाब के एक शख्स ने भारतीय स्वाद को वहां के लोगों तक पहुंचाने का अनोखा तरीका अपनाया है। करीब 15 साल पहले पंजाब से जापान पहुंचे इस शख्स ने भारतीय मसालों और पारंपरिक तरीके से खाना बनाकर जापानियों के बीच अपनी अलग पहचान बना ली है।

पंजाब से जापान तक का सफर

करीब डेढ़ दशक पहले बेहतर अवसरों की तलाश में पंजाब का यह शख्स जापान पहुंचा था। नए देश में भाषा, संस्कृति और खान-पान पूरी तरह अलग था। लेकिन उसने अपनी भारतीय पहचान और खासकर पंजाबी खाने के स्वाद को नहीं छोड़ा।

धीरे-धीरे उसने जापानी लोगों को भारतीय व्यंजनों से परिचित कराना शुरू किया। उसके खाने की खासियत यह है कि वह बाजार में मिलने वाले तैयार मसाला पाउडर पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहता, बल्कि अलग-अलग खड़े मसालों का इस्तेमाल करता है।

30 तरह के खड़े मसालों का इस्तेमाल

शख्स के मुताबिक उसके खाने में करीब 30 तरह के भारतीय खड़े मसाले इस्तेमाल होते हैं। इनमें जीरा, धनिया, इलायची, लौंग, दालचीनी, तेजपत्ता और दूसरे मसाले शामिल हैं।

मसालों को सही मात्रा में मिलाकर वह खाने में ऐसा स्वाद और खुशबू लाता है, जो जापानी लोगों के लिए अलग अनुभव है। यही वजह है कि उसके हाथ का भारतीय खाना खाने वाले लोग स्वाद की तारीफ करते नहीं थकते।

जापानी लोगों को पसंद आया देसी स्वाद

शुरुआत में जापानियों के लिए भारतीय मसालों का तेज स्वाद नया था। लेकिन धीरे-धीरे लोगों को यह स्वाद पसंद आने लगा। भारतीय करी, दाल, सब्जियों और मसालेदार व्यंजनों को स्थानीय लोग उत्सुकता के साथ चखने लगे।

कई जापानी लोगों के लिए भारतीय खाना सिर्फ भोजन नहीं बल्कि एक नया सांस्कृतिक अनुभव बन गया। मसालों की खुशबू और अलग-अलग स्वाद ने उन्हें भारतीय खान-पान के करीब पहुंचाया।

तैयार मसाले की जगह पारंपरिक तरीका

आज जब ज्यादातर लोग खाना बनाने में तैयार मसाला पाउडर का इस्तेमाल करते हैं, वहीं यह शख्स पारंपरिक तरीके से मसालों को मिलाकर खाना तैयार करता है। उसका मानना है कि खड़े मसालों को सही तरीके से इस्तेमाल करने से खाने का स्वाद और खुशबू अलग ही होती है।

पंजाब से हजारों किलोमीटर दूर जापान में भी उसने अपने खाने के जरिए अपनी जड़ों को जीवित रखा है। भारतीय मसालों से तैयार उसके व्यंजनों ने स्थानीय लोगों के बीच एक अलग पहचान बनाई है।

खाने के जरिए संस्कृतियों का मेल

इस शख्स की कहानी सिर्फ एक भारतीय के विदेश में खाना बनाने की कहानी नहीं है। यह दिखाती है कि भोजन किस तरह अलग-अलग संस्कृतियों को जोड़ सकता है। पंजाब से जापान तक पहुंचे इस व्यक्ति ने अपने पारंपरिक स्वाद को वहां के लोगों तक पहुंचाया और जापानी लोगों ने भी खुले दिल से भारतीय जायके को अपनाया।