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यहां पैदा हुआ 2 सिर और 8 पैरों वाला बछड़ा, 5 घंटे चली सर्जरी; डॉक्टरों ने बताई हैरान करने वाली वजह

 

नई दिल्ली। दुनिया में कई बार प्रकृति के ऐसे मामले सामने आते हैं, जिन्हें देखकर डॉक्टर भी हैरान रह जाते हैं। ऐसा ही एक दुर्लभ मामला सामने आया, जहां एक गाय ने दो सिर और आठ पैरों वाले बछड़े को जन्म दिया। जन्म के बाद बछड़े की हालत बेहद गंभीर थी, जिसके बाद पशु चिकित्सकों की टीम ने करीब 5 घंटे तक सर्जरी कर उसकी जान बचाने की कोशिश की। डॉक्टरों के मुताबिक, यह सामान्य जन्म नहीं बल्कि भ्रूण के विकास के दौरान हुई एक दुर्लभ जन्मजात विकृति का मामला था।

जन्म के बाद पशुपालक भी रह गए हैरान

रिपोर्ट के अनुसार, गाय के प्रसव के बाद जब बछड़ा बाहर आया तो उसका शरीर सामान्य बछड़ों से बिल्कुल अलग था। उसके दो सिर, आठ पैर और शरीर की असामान्य संरचना देखकर पशुपालक हैरान रह गए।

ऐसे मामलों में अक्सर नवजात पशु को सांस लेने, खड़े होने और दूध पीने में परेशानी होती है। बछड़े की हालत को देखते हुए उसे तुरंत पशु चिकित्सकों के पास ले जाया गया।

डॉक्टरों ने शुरू की करीब 5 घंटे की सर्जरी

बछड़े की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन करने का फैसला किया। रिपोर्ट के मुताबिक, सर्जरी करीब पांच घंटे तक चली

ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने शरीर से जुड़े अतिरिक्त अंगों को अलग करने और बछड़े की स्थिति को स्थिर करने की कोशिश की। इतने छोटे नवजात पर लंबी सर्जरी करना अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण था।

डॉक्टरों की टीम को इस दौरान बेहद सावधानी बरतनी पड़ी, क्योंकि बछड़े के शरीर में सामान्य शारीरिक संरचना के मुकाबले कई अतिरिक्त अंग और जुड़े हुए ऊतक मौजूद थे।

आखिर क्यों पैदा हुआ ऐसा बछड़ा?

पशु चिकित्सकों के अनुसार, इस तरह की स्थिति को कंजॉइंड ट्विन्स यानी जुड़े हुए जुड़वां भ्रूण से संबंधित जन्मजात विकृति माना जा सकता है। जब गर्भ में दो भ्रूण अलग-अलग तरीके से विकसित होने के बजाय किसी चरण में आपस में पूरी तरह या आंशिक रूप से जुड़ जाते हैं, तो ऐसी असामान्य शारीरिक संरचना बन सकती है।

ऐसे मामलों में दो सिर, अतिरिक्त पैर या शरीर के दूसरे हिस्सों का असामान्य तरीके से विकसित होना संभव है। हालांकि, हर मामले की शारीरिक संरचना अलग हो सकती है और सटीक कारण जानने के लिए विस्तृत पशु चिकित्सा जांच जरूरी होती है।

इंसानों में भी मिलते हैं ऐसे दुर्लभ मामले

चिकित्सा विज्ञान में इस तरह की जन्मजात स्थिति केवल पशुओं तक सीमित नहीं है। इंसानों में भी कंजॉइंड ट्विन्स के दुर्लभ मामले सामने आते हैं। इसकी शुरुआत भ्रूण के शुरुआती विकास के दौरान होती है।

हालांकि, दो सिर और आठ पैरों जैसी अत्यंत असामान्य संरचना बेहद दुर्लभ होती है। यही वजह है कि ऐसे मामलों को पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

ऑपरेशन के बाद रखी गई निगरानी में

पांच घंटे की सर्जरी के बाद बछड़े को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। ऐसे ऑपरेशन के बाद संक्रमण, रक्तस्राव और दूसरे स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।

डॉक्टर लगातार उसकी सांस, शरीर का तापमान, घाव और खाने-पीने की क्षमता पर नजर रखते हैं। नवजात होने के कारण उसके लिए शुरुआती कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।

प्रकृति का बेहद दुर्लभ मामला

दो सिर और आठ पैरों वाले इस बछड़े का मामला यह दिखाता है कि भ्रूण के विकास के दौरान छोटी-सी असामान्यता भी शरीर की पूरी संरचना को बदल सकती है। कंजॉइंड ट्विन्स से जुड़ी ऐसी जन्मजात विकृतियां बेहद दुर्लभ होती हैं और हर मामले की स्थिति अलग होती है।

पांच घंटे की जटिल सर्जरी के बाद डॉक्टरों की कोशिश ने इस असामान्य बछड़े को बचाने की उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन उसकी आगे की स्थिति पूरी तरह उसके स्वास्थ्य और रिकवरी पर निर्भर करेगी।