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91 साल की महिला से 23 साल के लड़के ने की शादी, हनीमून पर फिजिकल होते समय महिला की मौत

 

प्यार कब, कहां और किससे हो जाए, यह कोई नहीं जानता। अक्सर कहा जाता है कि प्यार ना उम्र देखता है, ना जात-पात और ना ही रिश्तों की दीवारें। लेकिन जब यह प्यार किसी असामान्य रिश्ते में तब्दील हो जाए, तो लोग चौंक जाते हैं। अर्जेंटीना से सामने आई एक ऐसी ही अनोखी शादी ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है, जहां 23 साल के युवक ने 91 वर्षीय बुज़ुर्ग महिला से शादी कर ली। इस शादी की वजह जितनी चौंकाने वाली है, उससे भी ज्यादा हैरान करने वाला था इसका अंत, जिसने युवक के भविष्य को संकट में डाल दिया।

शादी का अनोखा प्रस्ताव

यह घटना अर्जेंटीना के एक कस्बे की है, जहां 23 वर्षीय युवक कानून की पढ़ाई कर रहा था। उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी, जिससे उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। वह अपनी मां और भाई के साथ रहता था। इन्हीं हालातों में उसके जीवन में आई 91 साल की एक बुज़ुर्ग महिला, जो कि उसके घर में ही साथ रहती थी। महिला को सरकार से नियमित पेंशन मिलती थी।

महिला ने युवक को एक अजीबोगरीब प्रस्ताव दिया – उसने कहा कि यदि युवक उससे शादी कर लेता है, तो वह उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी और मरने के बाद उसकी पेंशन भी युवक को मिलेगी। बुज़ुर्ग महिला ने यह भी कहा कि चूंकि वह अकेली है और उसके पास कोई वारिस नहीं है, इसलिए वह चाहती है कि उसकी मौत के बाद उसका जीवनसाथी उसकी पेंशन का हकदार बने।

युवक ने स्वीकार किया प्रस्ताव

युवक के लिए यह प्रस्ताव किसी 'गोल्डन चांस' जैसा था। आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे युवक ने बिना ज्यादा विचार किए इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया और दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। यह खबर जब स्थानीय मीडिया तक पहुंची तो लोगों के बीच खलबली मच गई। सोशल मीडिया पर भी इस अनोखी जोड़ी की तस्वीरें वायरल होने लगीं और इस शादी को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

हनीमून पर हुआ हादसा

शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों हनीमून पर गए। लेकिन वहां जो हुआ, उसने युवक की जिंदगी को झकझोर कर रख दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, जब युवक अपनी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश कर रहा था, तभी महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि महिला की मृत्यु हार्ट अटैक से हुई।

पेंशन पाने की कोशिश बनी मुसीबत

महिला की मौत के बाद युवक ने पेंशन विभाग से संपर्क किया और अपनी पत्नी की पेंशन अपने नाम ट्रांसफर कराने की कोशिश की। लेकिन अधिकारियों को युवक की मंशा पर शक हुआ। जांच के दौरान यह सामने आया कि युवक ने संभवतः महिला की संपत्ति और पेंशन पाने के लिए यह शादी की थी।

हालांकि युवक ने पुलिस या अधिकारियों के सामने यह सफाई दी कि उसकी मंशा गलत नहीं थी और उसने केवल महिला की मदद और अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह कदम उठाया था। लंबे पूछताछ के बाद यह तय हुआ कि महिला की मृत्यु स्वाभाविक थी और युवक को किसी तरह का अपराधी नहीं ठहराया जा सकता।

जेल से तो बचा, लेकिन बना चर्चा का विषय

गनीमत यह रही कि युवक को जेल नहीं जाना पड़ा, लेकिन उसकी जिंदगी पर यह घटना एक गहरा प्रभाव छोड़ गई। एक तरफ जहां लोग उसकी नीयत पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि उसने सिर्फ परिस्थिति के दबाव में आकर यह निर्णय लिया था।

इस घटना ने समाज में प्यार, उम्र, और स्वार्थ जैसे मुद्दों पर एक नई बहस छेड़ दी है। क्या किसी बुज़ुर्ग महिला से शादी करना केवल लाभ के लिए सही है? या फिर यह महज़ एक आर्थिक मजबूरी थी, जिसे युवक ने अपने भविष्य के लिए चुना?

निष्कर्ष

यह मामला जितना विचित्र है, उतना ही भावनात्मक और सामाजिक पहलुओं से जुड़ा हुआ भी है। एक ओर जहां यह कहानी "प्यार की कोई उम्र नहीं होती" को साबित करती है, वहीं दूसरी ओर यह भी दिखाती है कि आर्थिक मजबूरी इंसान से कैसी-कैसी निर्णय करवा सकती है।

भले ही यह शादी कानूनी रूप से वैध थी, लेकिन इसकी नैतिकता पर आज भी सवाल उठ रहे हैं। इस कहानी ने पूरी दुनिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या वास्तव में प्यार हर बंधन से परे होता है, या फिर कभी-कभी यह सिर्फ एक सौदा बन कर रह जाता है।