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21 साल का लड़का रोज साफ करता है गंगा, चप्पल पहन कांच के बीच उतर जाता है नदी में, सांपों से भी नहीं डरता!
 

 

गंगा नदी को भारत में आस्था और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। करोड़ों लोग इसे मां का दर्जा देते हैं और इसकी स्वच्छता को लेकर लगातार प्रयास भी किए जाते हैं। इसी बीच एक 21 साल के युवक की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जो बिना किसी डर के रोजाना गंगा नदी की सफाई करने में जुटा रहता है।

वायरल हो रही जानकारी के अनुसार, यह युवक गंगा को साफ रखने के लिए हर दिन नदी में उतरता है। खास बात यह है कि वह बेहद सामान्य साधनों के साथ इस काम को अंजाम देता है। कई बार नदी में कांच के टुकड़े, प्लास्टिक और अन्य कचरा होने के बावजूद वह सफाई का काम जारी रखता है।

बताया जा रहा है कि युवक चप्पल पहनकर ही नदी में उतर जाता है और गंगा से कचरा बाहर निकालता है। नदी में मौजूद खतरों की परवाह किए बिना वह अपने इस अभियान को आगे बढ़ा रहा है। कई बार उसे सांपों और अन्य जीव-जंतुओं का भी सामना करना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद उसका हौसला कम नहीं होता।

सोशल मीडिया पर इस युवक की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद लोग उसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि इतनी कम उम्र में पर्यावरण और नदी संरक्षण के लिए इस तरह का समर्पण प्रेरणादायक है। कई लोगों ने युवक को गंगा का सच्चा सेवक बताया है।

नदियों में बढ़ता प्रदूषण आज एक बड़ी चुनौती है। प्लास्टिक कचरा, पूजा सामग्री और अन्य अपशिष्ट पदार्थों के कारण नदियों की स्वच्छता प्रभावित होती है। ऐसे में व्यक्तिगत स्तर पर किए जा रहे छोटे-छोटे प्रयास भी काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

इस युवक का प्रयास लोगों को यह संदेश देता है कि स्वच्छता केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति इसमें अपना योगदान दे सकता है। अगर लोग अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जागरूक हों तो बड़े बदलाव संभव हैं।

हालांकि इस युवक की पहचान, स्थान और वायरल वीडियो से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे दावों के आधार पर ही यह जानकारी सामने आई है।

फिलहाल गंगा सफाई में जुटे इस युवा की कहानी इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींच रही है। उसका साहस, समर्पण और प्रकृति के प्रति प्रेम कई लोगों को प्रेरित कर रहा है। ऐसे प्रयास यह दिखाते हैं कि बदलाव लाने के लिए उम्र नहीं, बल्कि मजबूत इरादे की जरूरत होती है।