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20 साल पुराने लकी नंबरों ने बनाया करोड़पति, लेकिन दुकानदार ने फेंक दिया जीत का टिकट; महिला अब मांग रही इंसाफ

 

किस्मत कब और कैसे बदल जाए, यह कोई नहीं जानता। ब्रिटेन की एक महिला के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जिसने अपने 20 साल पुराने लकी नंबरों के भरोसे करीब 150 करोड़ रुपए की लॉटरी जीत ली, लेकिन खुशी का यह पल कुछ ही देर में परेशानी में बदल गया। वजह थी कि दुकानदार ने कथित तौर पर विजेता टिकट को गलतफहमी में कूड़ेदान में फेंक दिया।

अब महिला डिजिटल सबूत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपना हक पाने की लड़ाई लड़ रही है।

पुराने नंबरों पर लगाया था भरोसा

ब्रिटेन की कैथ मेन ने कई सालों से कुछ खास नंबरों को अपना लकी नंबर मान रखा था। उन्होंने इन्हीं नंबरों के साथ लॉटरी टिकट खरीदा था। किस्मत ने उनका साथ दिया और वही नंबर करोड़ों रुपए की इनामी राशि जीत गए।

कैथ को उम्मीद थी कि अब उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाएगी, लेकिन टिकट से जुड़ी एक गलती ने पूरे मामले को उलझा दिया।

दुकानदार ने टिकट समझकर फेंक दिया कचरे में

रिपोर्ट के अनुसार, कैथ जब अपने टिकट की पुष्टि कराने पहुंचीं तो कथित तौर पर दुकानदार ने गलतफहमी में उसे बेकार समझ लिया और कूड़ेदान में डाल दिया।

इसके बाद महिला के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करना है कि असली विजेता टिकट उन्हीं का था।

डिजिटल रिकॉर्ड और CCTV से मिलेगी मदद

मामले की जांच में अब डिजिटल रिकॉर्ड, टिकट खरीद से जुड़े डेटा और सीसीटीवी फुटेज को अहम सबूत माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि टिकट किसने खरीदा था और उसके बाद क्या घटनाक्रम हुआ।

कैथ का कहना है कि उनके पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त जानकारी है कि वह ही असली विजेता हैं।

करोड़ों की रकम के लिए जारी है संघर्ष

करीब 150 करोड़ रुपए की लॉटरी राशि दांव पर होने के कारण यह मामला काफी चर्चा में आ गया है। कैथ को उम्मीद है कि जांच के बाद उन्हें उनका अधिकार मिलेगा और उनकी वर्षों पुरानी किस्मत आखिरकार उनके जीवन में खुशियां लेकर आएगी।

यात्रियों और लॉटरी खिलाड़ियों के लिए सबक

यह घटना लॉटरी खेलने वालों के लिए भी एक सीख है कि टिकट को संभालकर रखना और उसकी पुष्टि के बाद ही कोई कदम उठाना बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही करोड़ों रुपए के नुकसान का कारण बन सकती है।

फिलहाल कैथ मेन न्याय मिलने का इंतजार कर रही हैं और जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि करोड़ों की यह रकम आखिर किसके खाते में जाएगी।