2 पत्नियां, 5 बच्चे और फिर ‘लॉक’ वाली बात, अरमान मलिक का VIDEO वायरल
सोशल मीडिया पर अरमान मलिक का एक बयान और उनकी निजी जिंदगी एक बार फिर चर्चा में है। अरमान मलिक अपनी दो पत्नियों पायल और कृतिका के साथ फैमिली लाइफ को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। अब उनकी दो शादियों को लेकर एक बड़ा सवाल उठ रहा है—अगर पहली शादी के बाद तलाक नहीं हुआ था, तो दूसरी शादी की कानूनी स्थिति क्या है?
लोग 15 बचें पैदा करते हैं, हम सिर्फ 5 बच्चे पैदा करेंगे, उसके बाद ताला ठोक देंगे, ये आईडिया कैसा रहेगा?
— BHUMI (@Bhumika_2024) October 1, 2026
ये हिन्दू Armaan Malik का असली नाम Sandeep Singh है, अरमान उनका निकनेम खुद को हिंदू बताते हैं।
Armaan Malik की 2 पत्नियों है, Payal और Kritika दोनों पत्नियों के लगभग 5 बच्चे… pic.twitter.com/xZpsKxwYUi
लोग 15 बचें पैदा करते हैं, हम सिर्फ 5 बच्चे पैदा करेंगे, उसके बाद ताला ठोक देंगे, ये आईडिया कैसा रहेगा?
— BHUMI (@Bhumika_2024) October 1, 2026
ये हिन्दू Armaan Malik का असली नाम Sandeep Singh है, अरमान उनका निकनेम खुद को हिंदू बताते हैं।
Armaan Malik की 2 पत्नियों है, Payal और Kritika दोनों पत्नियों के लगभग 5 बच्चे… pic.twitter.com/xZpsKxwYUi
बताया जाता है कि अरमान ने साल 2011 में पायल से शादी की थी। इसके बाद पायल की दोस्त कृतिका के साथ उनकी नजदीकियां बढ़ीं और बाद में दोनों ने शादी कर ली। अरमान अपनी दोनों पत्नियों के साथ रहने और अपने परिवार को सोशल मीडिया पर दिखाने के लिए जाने जाते हैं।
अब सवाल यह है कि हिंदू विवाह कानून के तहत पहली शादी के रहते दूसरी शादी करने पर क्या स्थिति होती है?हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 की धारा 5 के मुताबिक, शादी के समय किसी व्यक्ति का पहले से कोई जीवित पति या पत्नी होना विवाह की वैधता के लिए महत्वपूर्ण शर्त है। इसी कानून की धारा 17 के तहत, यदि लागू कानूनी शर्तों का उल्लंघन करते हुए दूसरी शादी की जाती है, तो उस विवाह पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान हो सकता है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के मामले में दूसरी शादी वैध है या नहीं, यह केवल सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। शादी की तारीख, लागू व्यक्तिगत कानून, विवाह की परिस्थितियां और उपलब्ध कानूनी दस्तावेज जैसे तथ्य महत्वपूर्ण होते हैं।इसी वजह से अरमान मलिक की दो शादियों का मामला सिर्फ उनकी निजी जिंदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि कानूनी तौर पर भी कई सवाल खड़े करता है।