जमुई में बैड टच की शिकार नाबालिग का वीडियो वायरल करने वालों पर शिकंजा, 120 सोशल मीडिया अकाउंट चिह्नित
बिहार के जमुई जिले में नाबालिग से कथित बैड टच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने वीडियो को शेयर और वायरल करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में करीब 120 सोशल मीडिया अकाउंट चिह्नित किए गए हैं। पुलिस अब इन अकाउंट्स से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई की तैयारी में है।
बताया जा रहा है कि नाबालिग से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। घटना को लेकर लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो को प्रसारित करने वाले अकाउंट्स की निगरानी शुरू की।
120 सोशल मीडिया अकाउंट पुलिस की रडार पर
पुलिस की शुरुआती जांच में करीब 120 सोशल मीडिया अकाउंट सामने आए हैं, जिनसे वीडियो को शेयर या आगे प्रसारित किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस इन अकाउंट्स की गतिविधियों और उनसे जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वीडियो सबसे पहले किस अकाउंट से पोस्ट या शेयर किया गया था।
पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी संबंधित जानकारी जुटा सकती है। इसके आधार पर वीडियो को वायरल करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
नाबालिग की पहचान उजागर करना भी अपराध
नाबालिग से जुड़े मामलों में उसकी पहचान की गोपनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। ऐसे मामलों में पीड़िता की तस्वीर, वीडियो, नाम, पता या पहचान से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करना गंभीर कानूनी परेशानी खड़ी कर सकता है।
पुलिस की कार्रवाई का एक अहम हिस्सा उन लोगों की पहचान करना भी है, जिन्होंने वीडियो को बिना सोचे-समझे आगे शेयर किया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वीडियो किस तरह सोशल मीडिया पर फैला और इसे आगे प्रसारित करने में कितने अकाउंट्स की भूमिका रही।
लोगों से वीडियो शेयर नहीं करने की अपील
पुलिस आम लोगों से अपील कर सकती है कि नाबालिग से संबंधित किसी भीवीडियो या फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर या फॉरवर्ड न करें। ऐसे कंटेंट को वायरल करने से पीड़िता की निजता प्रभावित हो सकती है और कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।फिलहाल पुलिस चिह्नित किए गए सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी।