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1.2 लाख सैलरी, फिर भी जेब खाली! 28 साल के युवक की आपबीती सुनकर चौंक जाएंगे आप
 

 

आज के दौर में अच्छी नौकरी और मोटी सैलरी को आर्थिक सुरक्षा की निशानी माना जाता है, लेकिन एक 28 साल के युवक की कहानी ने इस सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवक ने बताया कि उसकी महीने की कमाई 1.2 लाख रुपये है, फिर भी महीने के आखिर तक उसके खाते में सिर्फ कुछ हजार रुपये ही बचते हैं। उसकी आपबीती सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोगों के बीच लाइफस्टाइल इंफ्लेशन (Lifestyle Inflation) को लेकर बहस छिड़ गई।

25 हजार से बढ़कर 1.2 लाख हुई सैलरी, फिर भी तनाव बरकरार

युवक ने रेडिट पर अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया कि साल 2021 में उसकी सैलरी करीब 25 हजार रुपये प्रति माह थी। समय के साथ मेहनत और करियर ग्रोथ के चलते उसकी कमाई बढ़कर अब 1.2 लाख रुपये प्रति माह हो गई है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि आर्थिक स्थिति में उसे उतना सुधार महसूस नहीं हो रहा, जितनी उसने उम्मीद की थी।

उसने लिखा कि पहले कम कमाई के बावजूद खर्चों को संभालना आसान लगता था, लेकिन अब ज्यादा कमाई के साथ जिम्मेदारियां और खर्च भी बढ़ गए हैं। महीने के अंत में उसे कई बार ऐसा महसूस होता है कि वह वहीं खड़ा है, जहां पहले था।

कहां चला जाता है पूरा पैसा?

युवक के मुताबिक, उसकी सैलरी का बड़ा हिस्सा किराए, परिवार की मदद, एसआईपी निवेश और रोजमर्रा के खर्चों में चला जाता है। सभी जरूरी भुगतान करने के बाद उसके पास करीब 5 से 8 हजार रुपये ही बचते हैं। लेकिन अचानक आने वाले मेडिकल खर्च या अन्य जरूरतों में यह रकम भी खत्म हो जाती है।

उसने सवाल उठाया कि आखिर बढ़ती आय के बावजूद आर्थिक आजादी क्यों महसूस नहीं हो रही? क्या उसकी समस्या कम कमाई है या फिर बढ़ता हुआ खर्च?

लोगों ने बताया लाइफस्टाइल इंफ्लेशन को वजह

युवक की पोस्ट पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने कहा कि जैसे-जैसे सैलरी बढ़ती है, वैसे-वैसे लोग अपने खर्चों का स्तर भी बढ़ा लेते हैं। महंगा किराया, बाहर खाना, बेहतर सुविधाएं और छोटे-छोटे शौक धीरे-धीरे बड़ी रकम में बदल जाते हैं।

कई लोगों ने सलाह दी कि कमाई बढ़ने के साथ खर्च बढ़ाने के बजाय बचत और निवेश को प्राथमिकता देनी चाहिए। लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि हर महीने के खर्चों का हिसाब रखना जरूरी है, ताकि पता चल सके कि पैसा कहां जा रहा है।

ज्यादा सैलरी हमेशा ज्यादा सुकून नहीं देती

इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि सिर्फ ज्यादा कमाई होना ही आर्थिक मजबूती की गारंटी नहीं है। सही बजट, नियंत्रित खर्च और भविष्य के लिए योजना बनाना भी उतना ही जरूरी है। कई युवा अच्छी सैलरी मिलने के बाद भी बढ़ते खर्चों और जिम्मेदारियों के कारण आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं।

युवक की कहानी उन लोगों के लिए एक सबक है जो मानते हैं कि सैलरी बढ़ते ही सारी परेशानियां खत्म हो जाएंगी। असल चुनौती कमाई बढ़ाने के साथ-साथ पैसे को सही तरीके से संभालने की भी है।